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ब्रिटेन की अवैध प्रवासन पर सख्ती, इन देशों पर लगेगा वीज़ा प्रतिबंध

इंटरनेशनल डेस्क: अवैध प्रवासन पर नियंत्रण को लेकर ब्रिटेन ने एक बेहद कठोर नीति अपनाई है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार ने संसद में ऐसे नए नियम पेश किए हैं, जिनके तहत उन देशों पर प्रत्यक्ष वीज़ा प्रतिबंध लगाया जाएगा जो अपने नागरिकों विशेष रूप से अपराधियों और अवैध प्रवासियों को वापस लेने से इंकार करते हैं। गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि यह कदम ब्रिटेन को “प्रवासन व्यवस्था का दुरुपयोग रोकने” में मदद करेगा।

पहला झटका इन तीन देशों को

ब्रिटेन ने शुरुआत में जिन देशों पर यह प्रतिबंध लागू किया है, उनमें अंगोला, नामीबिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों के ब्रिटिश वीज़ा आवेदन अब तब तक स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जब तक उनकी सरकारें निष्कासन प्रक्रियाओं में अपना सहयोग नहीं बढ़ातीं। ब्रिटिश गृह मंत्रालय के अनुसार, इन देशों के हजारों लोग अवैध रूप से यूके में रह रहे हैं, और उनके वापस भेजने की प्रक्रिया लगातार बाधित हो रही है।

दूतावासों की धीमी प्रक्रिया बनी सबसे बड़ी बाधा

ब्रिटेन का कहना है कि कई देशों के दूतावास निष्कासन संबंधी जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराते। कुछ मामलों में प्रवासियों से दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाने में भी देरी होती है, जिसके कारण देश से निकासी की प्रक्रिया ठप पड़ जाती है।

भारत भी निगरानी सूची में

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले समय में भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो सकता है जिन्हें अवैध प्रवासियों की वापसी के मामले में “कम सहयोगी” माना जाता है। हालाँकि, अभी भारत पर किसी भी तरह का आधिकारिक प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है।

मानवाधिकार कानूनों में भी होने जा रहे बदलाव

सरकार प्रवासन से जुड़े मामलों में अदालतों द्वारा मानवाधिकारों की धारा 8 (परिवार और निजी जीवन का अधिकार) की व्याख्या को स्पष्ट करने की दिशा में कानून बनाने की तैयारी में है। नए प्रस्ताव में “परिवार” की परिभाषा को सीमित कर केवल माता–पिता और बच्चों तक रखने का सुझाव है, जिससे लोग नकली या दूर के रिश्तों का हवाला देकर यूके में रहने का दावा न कर सकें।

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एक अपील, एक मौका हार पर देश छोड़ना अनिवार्य

नई नीति के तहत प्रवासियों को अपनी सारी कानूनी दलीलें एक ही अपील में रखनी होंगी। यदि अदालत अपील खारिज कर देती है, तो व्यक्ति को तुरंत देश छोड़ना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम “बार-बार अपील करके ब्रिटेन में रुकने की कोशिश” को खत्म करेगा।

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