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इतिहास के सबक को ध्यान में रखते हुए करें एक शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण

3 सितंबर को, चीन की राजधानी पेइचिंग में जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। यह भव्य सैन्य परेड न केवल इतिहास का गहन स्मरण था, बल्कि शांति और विकास की दृढ़ घोषणा भी थी। 80 तोपों की सलामी, 80,000 शांति कबूतरों और शक्तिशाली मार्चिंग दस्तों ने शांति की रक्षा के लिए दुनिया के साथ मिलकर काम करने के चीन के संकल्प को प्रदर्शित किया।

अस्सी साल पहले, चीनी जनता ने 14 साल की खूनी लड़ाइयों और 3.5 करोड़ से ज़्यादा सैन्य व नागरिक हताहतों की कीमत पर, विश्व फ़ासीवाद-विरोधी युद्ध में विजय में अपना अमिट योगदान दिया था। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सर्वत्र यह मानता है कि चीन का प्रतिरोध युद्ध सबसे पहले शुरू हुआ और सबसे लंबे समय तक चला, जिसने जापानी आक्रमणकारियों की पूर्ण पराजय में निर्णायक भूमिका निभाई। जैसा कि स्मारक समारोह में लगे बैनर, “न्याय की जीत होगी,” “शांति की जीत होगी,” और “जनता की जीत होगी,” दर्शाते हैं, यह ऐतिहासिक सत्य है और भविष्य के लिए एक मार्गदर्शक है।

आज दुनिया उथल-पुथल और बदलाव के एक नए दौर से गुज़र रही है, जिसमें एकतरफावाद और संरक्षणवाद बढ़ रहा है और वैश्विक संघर्षों में तेज़ी आ रही है। चीन हमेशा इतिहास के सही पक्ष में खड़ा रहा है और शांतिपूर्ण विकास के मार्ग पर चलता रहा है। चीन एकमात्र ऐसा प्रमुख देश है जिसने अपने संविधान में इस सिद्धांत को शामिल किया है और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। रूसी विद्वान बाबायेव ने टिप्पणी की कि चीन द्वारा समर्थित शांति और समानता के मूल्य दुनिया के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रदान करते हैं।

एक ज़िम्मेदार प्रमुख देश के रूप में, चीन संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की दृढ़ता से रक्षा करता है और आधिपत्य व शून्य-योग खेलों का विरोध करता है। 

वैश्विक विकास, सुरक्षा, सभ्यता और शासन सम्बंधी पहलों के प्रस्ताव से लेकर “बेल्ट एंड रोड” पहल पर सहयोग को बढ़ावा देने तक, चीन कार्रवाई के माध्यम से साझे विकास को बढ़ावा दे रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के आँकड़े दर्शाते हैं कि चीन की आर्थिक वृद्धि का विश्व पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, जो पारस्परिक रूप से लाभकारी और उभय-जीत वाली स्थिति को दर्शाता है।

चीनी शैली का आधुनिकीकरण न केवल राष्ट्रीय पुनरोत्थान का मार्ग है, बल्कि विश्व शांति और विकास का धर्म का मार्ग भी है। इतिहास को ध्यान में रखते हुए, हम “तीन अनिवार्य जीत” की सत्यता में दृढ़ विश्वास रखते हैं। भविष्य की ओर देखते हुए, मानव शांति और विकास का महान कार्य निश्चित रूप से विजयी होगा। ऐतिहासिक प्रवृत्ति पर चलते हुए और धर्म के मार्ग पर चलते हुए, चीन और विश्व मिलकर काम करते हुए, निश्चित रूप से एक और भी उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगे।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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