इंटरनेशनल डेस्कः इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में विदेशी छात्रों और चेहरे को ढकने वाले कपड़ों को लेकर कुछ नए प्रस्ताव सामने रखे हैं। उन्होंने कहा है कि इन प्रस्तावों को उनकी सरकार के सामने रखा जाएगा। मेलोनी ने रोम में अपनी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में इन योजनाओं का ऐलान किया। उनके मुताबिक, इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा, संस्कृति और नियमों को समझना और उनका सम्मान करना चाहिए।
1. कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने का प्रस्ताव
मेलोनी सरकार स्कूलों की कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या की एक अधिकतम सीमा तय करने का प्रस्ताव ला सकती है। इसका मतलब यह होगा कि किसी एक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या कानून के तहत निर्धारित सीमा से ज्यादा नहीं हो सकेगी। सरकार का तर्क है कि इससे स्कूलों में छात्रों के बीच बेहतर तरीके से घुलने-मिलने और पढ़ाई की व्यवस्था को संभालने में मदद मिल सकती है।
2. कुछ विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना जरूरी
मेलोनी ने यह भी कहा कि जिन विदेशी छात्रों और उनके परिवारों को इटली की स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में परेशानी हो रही है, उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य किया जा सकता है।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह है कि माता-पिता स्कूल, शिक्षकों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से समझ सकें और स्कूल व्यवस्था के साथ संवाद कर सकें।
मेलोनी ने कहा कि जो लोग इटली में आकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उन्हें इतालवी भाषा सीखने, देश की संस्कृति समझने और उसके नियमों का सम्मान करने की कोशिश करनी चाहिए।
3. स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
मेलोनी की योजना में स्कूलों के भीतर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। मेलोनी ने अपने भाषण में कहा कि स्कूलों में छात्रों का चेहरा खुला होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी परंपरा या सांस्कृतिक वजह का हवाला देकर किसी युवा महिला से अपना चेहरा ढकने की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
यह प्रस्ताव केवल स्कूलों के संदर्भ में बताया गया है और इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में चेहरे की पहचान और छात्रों के बीच सामान्य संवाद से जुड़ी व्यवस्था तय करना है।
मेलोनी ने क्या कहा?
मेलोनी ने कहा कि जो लोग इटली में आकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उन्हें इतालवी भाषा सीखनी चाहिए, इतालवी संस्कृति को समझना चाहिए और देश के नियमों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने अपने भाषण में इन तीन बातों को एक साथ जोड़ते हुए कहा कि विदेशी छात्रों की संख्या को कक्षाओं में सीमित किया जाना चाहिए, कुछ परिवारों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना जरूरी होना चाहिए और स्कूलों में बुर्का तथा नकाब पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से इन प्रस्तावों पर समर्थन भी मांगा।
प्रस्ताव कानून कैसे बन सकता है?
इन योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार को पहले संबंधित प्रस्ताव को आगे बढ़ाना होगा। इसके बाद कानून बनाने की प्रक्रिया में संसद की मंजूरी जरूरी होगी।
बताई गई प्रक्रिया के अनुसार, सरकार की मंजूरी के बाद संसद को निर्धारित समय के भीतर प्रस्ताव को मंजूर करना होगा। कानून बनने के बाद ही इन नियमों को लागू किया जा सकेगा।
इटली में 2027 का चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
इटली में अगला आम चुनाव 2027 में होना है। जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के लिए प्रवासन, राष्ट्रीय पहचान और इटली की संस्कृति जैसे मुद्दे पहले से ही महत्वपूर्ण राजनीतिक विषय रहे हैं।
मेलोनी ने हाल ही में प्रधानमंत्री पद पर लंबे समय तक लगातार बने रहने का एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी बनाया है। इन प्रस्तावों की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब 2027 के चुनाव से पहले इटली में प्रवासन और राष्ट्रीय पहचान जैसे मुद्दों पर राजनीतिक चर्चा जारी है। हालांकि, इन घोषणाओं को सीधे तौर पर चुनाव में लोकप्रियता बढ़ाने की रणनीति बताना एक राजनीतिक विश्लेषण होगा। इसके लिए मेलोनी या उनकी सरकार की ओर से ऐसा स्पष्ट बयान होना जरूरी है।
दुनिया के कुछ देशों में चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध
चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले बुर्का या नकाब को लेकर अलग-अलग देशों में अलग-अलग कानून हैं। कुछ देशों ने सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को ढकने पर व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि कुछ देशों में ऐसे प्रतिबंध केवल कुछ खास जगहों, जैसे स्कूल या सरकारी संस्थानों तक सीमित हैं।
इटली में प्रस्तावित नियम को इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय बहस के संदर्भ में देखा जा सकता है।
तीन प्रस्तावों का आसान सार
• विदेशी छात्रों की संख्या: स्कूलों की कक्षाओं में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय करने का प्रस्ताव।
• माता-पिता के लिए भाषा: जिन विदेशी छात्रों के परिवारों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में परेशानी है, उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने का प्रस्ताव।
• बुर्का और नकाब: स्कूलों के भीतर चेहरा ढकने वाले बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव।
इनमें से ये बातें फिलहाल प्रस्ताव के रूप में सामने आई हैं। इन्हें लागू करने के लिए इटली की कानूनी और संसदीय प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।

