कुछ दिन पहले जब अमेरिका ने कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की, तो स्कॉटियाबैंक के अर्थशास्त्री डेरेक होल्ट ने एक रिपोर्ट में यह लिखा है कि कनाडा को ऐसा महसूस हो रहा है कि अमेरिका ने उसके साथ बिना किसी कारण के विश्वासघात किया है, उसका उल्लंघन किया है और उस पर हमला किया है। पर कनाडाई राजनेताओं ने अंततः “विश्वासघात, उल्लंघन और हमले” पर क्या प्रतिक्रिया दी? हाल ही में, कनाडा के सभी 13 प्रांतों और क्षेत्रों के गवर्नर एक प्रतिनिधिमंडल संगठित करके अमेरिकी सांसदों, व्यापारिक समूहों और श्रमिक नेताओं से बातचीत करने के लिए अमेरिका गए। उन्होंने अमेरिका से दया की भीख मांगने की बड़ी कोशिश की।
इससे भी अधिक बेतुकी बात यह है कि अमेरिका को विश्वास दिलाने के लिए इन कनाडाई राजनेताओं ने चीन को “समान आर्थिक दुश्मन” के रूप में चित्रित किया। उदाहरण के लिए, ओन्टारियो के गवर्नर डग फोर्ड ने दावा किया कि चीन से “अलगाव” के अपने प्रयास में अमेरिका को कनाडाई प्रांतों के समर्थन की आवश्यकता है।
कनाडा अमेरिका की तरह चीनी उत्पादों पर उच्च टैरिफ लगा सकता है और प्रमुख क्षेत्रों में चीन के निवेश पर प्रतिबंध लगा सकता है। बाहरी दुनिया ने इसका मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि यह दया की भीख मांगने जैसी बात है। गौरतलब है कि कनाडा अमेरिका का सबसे बड़ा पड़ोसी और करीबी सहयोगी है, और “फाइव आईज अलायंस” का सदस्य भी है। लेकिन जब हितों की बात आती है, तो अमेरिका कनाडा का शोषण, दबाव और अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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