Last Updated: November 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

कनाडा सरकार ने TFW कार्यक्रम के नियमों में किया बदलाव, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के परमिट पर लगाई पाबंदी

September 26, 2024

कनाडा सरकार ने TFW कार्यक्रम के नियमों में किया बदलाव, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के परमिट पर लगाई पाबंदी

नई दिल्ली: कनाडा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार लगातार विदेशी छात्रों को झटका दे रही है। हर महीने सरकार वीजा नियमों या विदेशी कामगारों को नौकरी देने के नियमों में बदलाव कर रही है। कभी रहने और बसने के लिए सबसे अच्छी जगह माने जाने वाले कनाडा में अब हालात लगातार बदल रहे हैं। इसी कड़ी में ट्रूडो सरकार ने कनाडा में ‘अस्थायी विदेशी कामगार कार्यक्रम’ में बदलाव किया है, ताकि इस योजना का दुरुपयोग रोका जा सके। साथ ही इस योजना के जरिए लोगों को धोखाधड़ी से भी बचाया जा सके।

कनाडा की कंपनियां या नियोक्ता कनाडा में ‘अस्थायी विदेशी कामगार’ (TFW) कार्यक्रम के जरिए विदेशी कामगारों की भर्ती करते हैं। उनके पास ऐसा करने का विकल्प तभी होता है, जब उन्हें कनाडा में काम के लिए अच्छे या योग्य लोग नहीं मिलते।हालांकि, कनाडा सरकार का कहना है कि ‘अस्थायी विदेशी कामगार (TFW) कार्यक्रम का दुरुपयोग देश में प्रतिभाशाली कामगारों को काम पर रखने से बचने और इसके बजाय विदेशी कामगारों पर निर्भर रहने के लिए किया गया है।

सरकार ने कहा है कि अब ‘अस्थायी विदेशी कर्मचारी’ कार्यक्रम का उपयोग करके विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करने से पहले कंपनियों को ‘श्रम बाजार प्रभाव आकलन’ (एलएमआईए) करना होगा, जिसमें उन्हें यह साबित करना होगा कि जिस काम के लिए वे विदेशी कर्मचारी को काम पर रख रहे हैं, उसे करने के लिए देश में कोई योग्य नागरिक नहीं है। सरकार चाहती है कि कनाडाई कंपनियां और नियोक्ता इस कार्यक्रम पर अपनी निर्भरता कम करें। टीएफडब्ल्यू कार्यक्रम से संबंधित नए नियम आज यानी 26 सितंबर से लागू हो रहे हैं।

कनाडा सरकार 6% या उससे अधिक बेरोजगारी दर वाले महानगरीय क्षेत्रों में एलएमआईए प्रक्रिया करने से इनकार करने जा रही है। खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों (कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मछली प्रसंस्करण) के साथ-साथ निर्माण और स्वास्थ्य सेवा में मौसमी और गैर-मौसमी नौकरियों के लिए एलएमआईए प्रक्रिया की जाएगी। नियोक्ता टीएफडब्ल्यू कार्यक्रम के माध्यम से अपने कुल कार्यबल के 10% से अधिक को विदेशी कर्मचारी के रूप में नियुक्त नहीं कर सकेंगे। टीएफडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत नियुक्त लोगों की रोजगार अवधि को घटाकर सिर्फ एक वर्ष कर दिया गया है, जो पहले दो साल हुआ करती थी।

कनाडा में होने वाले इस बदलाव का असर भारतीयों पर भी दिखने वाला है। इसकी वजह यह है कि पंजाब-हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों से लोग कनाडा में काम करने जाते हैं। इनमें से ज़्यादातर लोग कम कौशल वाली नौकरियां करते हैं, जैसे खेतों में काम करना। कई कंपनियां TFW प्रोग्राम के तहत इन लोगों को नौकरी पर रखती थीं। लेकिन अब नियमों में बदलाव की वजह से इन्हें नौकरी पर रखना मुश्किल होने वाला है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें