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बाल देखभाल सब्सिडी: जन-जीवन सुरक्षा और प्रजनन-अनुकूल समाज की ओर ठोस क़दम

September 9, 2025

बाल देखभाल सब्सिडी: जन-जीवन सुरक्षा और प्रजनन-अनुकूल समाज की ओर ठोस क़दम

चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, 8 सितम्बर से पूरे देश में बाल देखभाल सब्सिडी के लिए आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनल खोले गए हैं। 1 अक्तूबर, 1949 में चीन लोक गणराज्य की स्थापना के बाद यह पहली बार है जब आजीविका सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर, सार्वभौमिक और प्रत्यक्ष नकद सब्सिडी सीधे जनता को प्रदान की जा रही है। यह क़दम चीन की प्रजनन सहायता नीति प्रणाली में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

संबंधित नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से तीन वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को, जो कानूनन जन्मे हैं, प्रति बच्चा प्रति वर्ष 3,600 युआन की सब्सिडी दी जाएगी। विशेष बात यह है कि यह लाभ 1 जनवरी 2022 के बाद जन्मे बच्चों पर भी लागू होगा। ऐसे मामलों में सब्सिडी की गणना पात्र महीनों की संख्या के आधार पर की जाएगी। इससे नीति की समावेशिता और सार्वभौमिक लाभ का स्पष्ट संकेत मिलता है।

वर्तमान में, चीन की जनसंख्या वृद्धि भारी चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ती उम्र और घटती जन्म दर की वजह से प्रजनन नीतियों को अनुकूल बनाना और बच्चे पैदा करने की इच्छा को बढ़ाना राष्ट्रीय रणनीतिक मुद्दे बन गए हैं। वर्ष 2015 में “सार्वभौमिक दो-बाल नीति” और 2021 में “तीन-बाल नीति” लागू करने के बाद अब बाल देखभाल सब्सिडी प्रणाली की शुरुआत यह दर्शाती है कि चीन केवल जन्म प्रतिबंधों में ढील देने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक और व्यवस्थित प्रजनन सहायता ढाँचे के निर्माण की दिशा में अग्रसर है।

बाल देखभाल सब्सिडी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रत्यक्षता और सार्वभौमिकता है। नकद राशि के रूप में मिलने वाली यह सहायता परिवारों पर बच्चों की देखभाल का बोझ सीधे कम करती है। खासकर निम्न आय वर्ग के लिए यह राहत और भी अहम है, क्योंकि यह सब्सिडी आय में शामिल नहीं होगी और न ही इस पर कोई व्यक्तिगत आयकर लगेगा। यह नीति सामाजिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए विशेष सुरक्षा प्रदान करती है। उल्लेखनीय है कि लगभग 90 प्रतिशत वित्तपोषण केंद्र सरकार वहन करेगी और वर्ष 2025 के लिए इसका प्रारंभिक बजट लगभग 90 अरब युआन तय किया गया है। यह चीन सरकार के इस दृढ़ निश्चय को दर्शाता है कि नीति केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वास्तविक रूप से लागू होगी।

वास्तविक मायनों में बाल देखभाल सब्सिडी केवल वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि राष्ट्र बच्चों के जन्म को प्रोत्साहित करता है, परिवार को महत्व देता है और मातृत्व-पितृत्व की भूमिका को मान्यता देता है। यह नीति प्रजनन-अनुकूल समाज के निर्माण के लिए बाल देखभाल सेवाओं और रोज़गार सुरक्षा जैसी अन्य पहलों के साथ मिलकर काम करती है।

फिर भी, यह स्वीकार करना होगा कि बाल देखभाल सब्सिडी जनसंख्या संबंधी चुनौतियों का अकेला समाधान नहीं है। परिवार नियोजन के फ़ैसले केवल आर्थिक बोझ से ही नहीं, बल्कि कैरियर विकास, शैक्षिक संसाधनों, आवास की समस्या और सामाजिक दबाव जैसे कई अन्य कारकों से प्रभावित होते हैं। इसलिए आने वाले समय में शिक्षा की लागत घटाना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, महिलाओं के रोज़गार अधिकारों की सुरक्षा करना और कार्य-परिवार संतुलन को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक होगा, ताकि एक मज़बूत और प्रभावी प्रजनन सहायता प्रणाली तैयार हो सके।

बाल देखभाल सब्सिडी प्रणाली का व्यापक क्रियान्वयन चीन की जनसंख्या नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह देश की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि विकास के लाभ समान रूप से सभी नागरिकों तक पहुँचें। जैसे-जैसे इस नीति के साथ सहायक उपायों को और परिष्कृत किया जाएगा, यह निश्चित रूप से चीन में जनसंख्या के दीर्घकालिक संतुलित विकास को मज़बूती देगा और आम जनता की आजीविका व कल्याण में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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