इंटरनेशनल डेस्क: स्थानीय समयानुसार 19 अगस्त को, चीन-भारत सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में, सकारात्मक एवं रचनात्मक तरीके से, चीनी विशेष प्रतिनिधि, सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मामला कार्यालय के निदेशक वांग यी और भारतीय विशेष प्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन-भारत सीमा मुद्दे पर स्पष्ट और गहन विचारों का आदान-प्रदान किया और निम्नलिखित 10
बिंदुओं पर आम सहमति कायम की:
पहला, दोनों पक्षों ने कज़ान बैठक के बाद से दोनों नेताओं द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमति के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि 23वीं विशेष प्रतिनिधि बैठक के बाद से चीन-भारत सीमा क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखा गया है।
दूसरा, दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व को दोहराया और चीन-भारत संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए मैत्रीपूर्ण परामर्श के माध्यम से प्रासंगिक मुद्दों को उचित रूप से समाधान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
तीसरा, दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति के राजनीतिक दृष्टिकोण से तथा 2005 में दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षरित राजनीतिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर समझौते के अनुसार सीमा मुद्दे के समाधान के लिए एक निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य रूपरेखा तैयार करने पर सहमत हुए।
चौथा, दोनों पक्षों ने चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) के ढांचे के भीतर एक सीमांकन विशेषज्ञ समूह स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की, ताकि उन क्षेत्रों में सीमांकन वार्ता को आगे बढ़ाने की संभावना तलाशी जा सके, जहां परिस्थितियां उपयुक्त हों।
पांचवां, दोनों पक्ष प्रभावी सीमा प्रबंधन और नियंत्रण को बढ़ावा देने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए WMCC के ढांचे के भीतर एक कार्य समूह स्थापित करने पर सहमत हुए।
छठा, सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में मौजूदा जनरल-स्तरीय वार्ता के अलावा, सीमा के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में जनरल-स्तरीय वार्ता स्थापित की जाएगी, और पश्चिमी क्षेत्र में जनरल-स्तरीय वार्ता का एक नया दौर जल्द से जल्द आयोजित किया जाएगा।
सातवां, दोनों पक्ष सीमा नियंत्रण तंत्र के रूप में राजनयिक और सैन्य माध्यमों की भूमिका का लाभ उठाने पर सहमत हुए, और शुरुआत में तनाव कम करने और नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए प्रासंगिक सिद्धांतों और तरीकों पर सहमति बनाई।
आठवां, दोनों पक्षों ने सीमा पार नदी सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया, सीमा पार नदियों पर दोनों देशों के बीच विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र का लाभ उठाने और संबंधित सीमा पार नदियों के लिए बाढ़ पूर्वानुमान पर समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण पर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। चीन ने मानवीय सिद्धांतों के आधार पर भारत के साथ संबंधित नदियों पर आपातकालीन जल विज्ञान संबंधी जानकारी साझा करने पर सहमति व्यक्त की।
नौवां, दोनों पक्ष तीन पारंपरिक सीमा व्यापार बाजारों, रिनछेंगंग-छांगगु, पुलान-गोंगजी और जुबा-नांगगा को फिर से खोलने पर सहमत हुए।
दसवां, दोनों पक्ष 2026 में चीन में 25वीं विशेष प्रतिनिधि बैठक आयोजित करने पर भी सहमत हुए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
ये भी पढ़ें : Covid के बाद India REIT Market में उछाल, Listed Market ₹1.72 लाख करोड़ पहुंचा

