22 मई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा विषय पर आयोजित खुली बहस के दौरान चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में वैश्विक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, और कई क्षेत्रों में संघर्ष और अस्थिरता आम बात हो गई है। ऐसे में, नागरिकों की रक्षा अब एक नैतिक ज़िम्मेदारी के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की बुनियादी शर्त बन गई है।
सुन लेई ने अपने संबोधन में चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया। सबसे पहले, उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्षों को जड़ से खत्म करने के प्रयास तेज होने चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को संवाद और परामर्श के ज़रिए अपने मतभेदों को सुलझाने की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा। दूसरे, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के पूर्ण और सख्त अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य दायित्व है जिसे सभी पक्षों को निभाना चाहिए।
तीसरे, सुन लेई ने कहा कि संघर्षग्रस्त देशों की शासन क्षमता को सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने ज़ोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इन देशों के साथ मिलकर, उनकी विशेष ज़रूरतों के अनुसार, उनकी आंतरिक संस्थाओं को मजबूत करना चाहिए ताकि वे अपने नागरिकों की रक्षा करने में सक्षम हो सकें।
अंत में, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहायता के दायरे और संसाधनों को बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों के लिए स्थायी और पर्याप्त वित्तीय समर्थन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, जिससे राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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