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फिर से गर्म हो रहे चीन-ऑस्ट्रेलिया सम्बंध

चीन-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के दूसरे दशक की शुरुआत के साथ, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की 12 से 18 जुलाई तक की चीन की आधिकारिक यात्रा ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी दूसरी चीन यात्रा है और पुनर्निर्वाचन के बाद उनकी पहली यात्रा है। इस यात्रा के दौरान, अल्बानीज़ ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में आम सहमति बनाई, आर्थिक सहयोग, संवाद और संचार के महत्व की पुष्टि की, और साझा हितों के क्षेत्रों में आदान-प्रदान को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।

अल्बानीज़ की चीन यात्रा ने चीन के प्रति ऑस्ट्रेलिया की तर्कसंगत समझ और व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाया। वैश्विक परिदृश्य में गहन बदलावों की पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चीन के साथ सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय हितों के अधिक अनुरूप नीतियाँ बनाई हैं। यह कूटनीतिक स्वायत्तता अन्य देशों के लिए चीन के साथ सम्बंधों को संभालने में एक संदर्भ प्रदान करती है।

चीन-ऑस्ट्रेलिया सम्बंधों में एक निम्न स्तर का अनुभव हुआ है, लेकिन पिछले तीन वर्षों में दोनों पक्षों के प्रयासों से सम्बंधों में स्थिरता आई है और सुधार हुआ है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बैठक में ज़ोर देकर कहा कि समानता, मतभेदों को दरकिनार करते हुए समान आधार की तलाश और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग दोनों देशों के समान हितों की नींव हैं। बाहरी दबाव और आर्थिक विकास कार्यों का सामना करते हुए, चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को आगे बढ़ाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

रणनीतिक आपसी विश्वास सहयोग की आधारशिला है। पिछले तीन वर्षों में, शी चिनफिंग और अल्बानीज़ ने चीन-ऑस्ट्रेलिया सम्बंधों से सम्बंधित रणनीतिक और समग्र मुद्दों पर महत्वपूर्ण आम सहमति प्राप्त की है। इस बैठक के दौरान, चीन ने शांतिपूर्ण और साझा विकास के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने एक-चीन नीति के पालन और संवाद बनाए रखने तथा आपसी विश्वास बढ़ाने की अपनी इच्छा की पुष्टि की।

आर्थिक और व्यापारिक सहयोग इस चीन यात्रा का एक महत्वपूर्ण विषय है। अल्बानीज़ एक ऑस्ट्रेलियाई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लेकर आए और उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चीनी अर्थव्यवस्था से अलग नहीं होना चाहते। दस साल पहले चीन-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर से द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। वर्तमान में, चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों पक्षों ने वार्ता के दौरान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा करने पर सहमति व्यक्त की, ताकि भविष्य में सहयोग की संभावनाओं का विस्तार किया जा सके, कृषि और खनन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चिकित्सा स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों की सक्रिय रूप से खोज की जा सके।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। चीन हमेशा से ऑस्ट्रेलिया में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों और पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। 2024 में लागू शुरू हुई पारस्परिक बहु-वीज़ा नीति और एकतरफा वीज़ा छूट प्रणाली ने लोगों के आवागमन को और सुगम बनाया है। इस यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों में आदान-प्रदान को मज़बूत करने और पर्यटन संवादों को फिर से शुरू करने पर ज़ोर दिया, जिससे संकेत मिलता है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और गहरा होगा।

आज दुनिया के सामने एकतरफावाद और संरक्षणवाद की चुनौतियों के संदर्भ में, चीन और ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार को बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। दोनों देशों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थिरता में योगदान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

अल्बानीज़ ने चीन की महान दीवार का दौरा करते समय कहा कि चीन के साथ अच्छे सम्बंध स्थापित करना ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हित में है। आशा है कि उनकी तर्कसंगत समझ ऑस्ट्रेलिया में मुख्यधारा में बनी रहेगी, चीन-ऑस्ट्रेलिया सम्बंधों में निरंतर प्रगति को बढ़ावा देगी, दोनों देशों की जनता को लाभ पहुँचाएगी और एशिया-प्रशांत क्षेत्र तथा विश्व के शांतिपूर्ण विकास में बुद्धिमत्ता और शक्ति का योगदान देगी।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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