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वैश्विक आर्थिक विकास में चीन का योगदान सबसे अधिक बना हुआ है: WEF अध्यक्ष

China contribution global economic development highest

China contribution global economic development highest

विश्व आर्थिक मंच (WEF) के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे ने हाल ही में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास में चीन का योगदान सबसे अधिक बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि चीन उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कदम रखते हुए अपनी पारंपरिक शक्तियों को और मजबूत कर रहा है। विश्व आर्थिक मंच का अनुमान है कि इस वर्ष चीन की आर्थिक विकास दर 5% से अधिक रहेगी। ब्रेंडे के विचार में, चीन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तीव्र वृद्धि देख रहा है और नई प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार में निवेश को दोगुना कर रहा है। “इन नई तकनीकों से आने वाले वर्षों में उत्पादकता में जबरदस्त वृद्धि और विकास के अवसर मिलने की उम्मीद है,” उन्होंने आगे कहा कि चीन इस प्रक्रिया का एक प्रमुख चालक है।

विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट “वैश्विक सहयोग बैरोमीटर” बताती है कि बहुपक्षवाद को लगातार मजबूत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और वैश्विक सहयोग की संरचना और परिदृश्य बदल रहे हैं। ब्रेंडे ने बहुपक्षवाद को कायम रखने में चीन की भूमिका का सक्रिय मूल्यांकन करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में भी वैश्विक चुनौतियों, जैसे कि महामारी और साइबर अपराध, से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय तंत्रों पर ही निर्भर रहना होगा।

उनका मानना है कि मौजूदा बहुपक्षीय तंत्रों को बनाए रखना और विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से इन्हीं तंत्रों ने दुनिया को अपार समृद्धि दिलाई है। गौरतलब है कि विश्व आर्थिक मंच की 2026 वार्षिक बैठक का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में किया जाएगा, जिसका विषय “संवाद की भावना” होगा। दुनिया भर के 130 से अधिक देशों और क्षेत्रों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि सहयोग को मजबूत करने, विकास के नए कारकों को बढ़ावा देने तथा लोगों में निवेश करने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।

ब्रेंडे ने कहा कि विभाजन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा की इस दुनिया में संवाद सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सकारात्मक प्रक्रियाओं का आरंभिक बिंदु है और वैश्विक प्रगति को गति प्रदान करता है। विश्व आर्थिक मंच के अनुसार संवाद विलासिता नहीं बल्कि एक आवश्यकता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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