
इंटरनेशनल डेस्क : तिब्बती भाषा में ज़ादा का अर्थ है “नदी के निचले भाग में घास वाली जगह”। ज़ादा काउंटी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के उत्तर-पश्चिम में और न्गरी प्रीफ़ेक्चर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। ज़ादा काउंटी प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिसकी मुख्य नदी शयांगछ्वान नदी न्गरी प्रीफ़ेक्चर की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है। इस काउंटी में जंगली जानवरों की एक विस्तृत विविधता है, जिसमें 16 चीनी राष्ट्रीय प्रमुख संरक्षित जानवर शामिल हैं। वहीं, ज़ादा काउंटी में एक दशक से भी अधिक समय पहले स्थानीय पौधों के संसाधन अपेक्षाकृत दुर्लभ थे, लेकिन जैसा कि इस काउंटी ने रेत व धूल मुद्दे को नियंत्रित करने और हल करने के लिए दशकों तक वनीकरण पर जोर दिया है। वर्तमान में यहाँ हरित क्षेत्रों के क्षेत्रफल में काफी वृद्धि हुई है।
सामाजिक मीडिया पर दस लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर वाले भारतीय इंटरनेट सेलिब्रिटी राम निरंजन शर्मा ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के संवाददाताओं से कहा कि प्रकृति और पारिस्थितिकी सुरक्षा चीन और भारत समेत दुनिया भर के सभी देशों के लिए अहम मुद्दे हैं। शीत्सांग पहुँचने के बाद उन्हें यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ कि यहां आसमान बहुत नीला है और नदियों का पानी बहुत साफ़ है। पहले उन्होंने सोचा था कि क्योंकि शीत्सांग बहुत ऊंचाई पर है, बारिश कम होती है, इसलिए शायद वहां बहुत कम वनस्पति दिखाई देगी। लेकिन जब वे शीत्सांग आए, तो उन्होंने पाया कि यहां वनरोपण कार्य बहुत सफल रहा है। स्थानीय लोगों ने रेत व धूल को रोकने के लिए वनरोपण पर बहुत ज्यादा ऊर्जा और समय खर्च किया। वे इससे बहुत हैरान और प्रशंसित हुए।
राम निरंजन शर्मा ने कहा कि उन्होंने शीत्सांग में कई जगहों पर बड़े-बड़े नारे देखे, “साफ़ पानी और हरे पहाड़ बनाना एक सदी लंबी योजना ही है”। उन्हें लगा कि चीन पारिस्थितिकी संरक्षण को एक अल्पकालिक काम के बजाए एक दीर्घकालिक रणनीति मानता है। जब उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की, तो स्थानीय लोगों ने वनरोपण और पारिस्थितिकी संरक्षण को बहुत मान्यता दी। उन्होंने कहा कि न केवल उनकी पीढ़ी को वनरोपण के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए, बल्कि उनकी भावी पीढ़ियों को भी शीत्सांग में पारिस्थितिक संरक्षण को बढ़ाने में योगदान देने के लिए वनरोपण पर जोर देना चाहिए।
राम निरंजन शर्मा ने बताया, जैसा कि उन्होंने पहले कहा था, पारिस्थितिकी संरक्षण चीन, भारत और दुनिया के अन्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय और मिशन है। उनका मानना है कि चीन ने पारिस्थितिकी संरक्षण में बहुत अच्छा काम किया है और बहुत उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं। चीन ने हमेशा पारिस्थितिकी संरक्षण के विकास को बढ़ाने पर जोर दिया है और कभी भी इसमें ढिलाई नहीं बरती है। उन्हें उम्मीद है कि भारत और अन्य देश चीन से सीख सकते हैं और मानव जाति के लिए एक बेहतर पृथ्वी का निर्माण करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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