Last Updated: October 12, 2026

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चीन : विश्व आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन

January 6, 2025

चीन : विश्व आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन

China : नई सदी की शुरुआत के बाद से, कुछ पश्चिमी देश आर्थिक मंदी से ग्रस्त हैं, अमेरिका, यूरोप, जापान और दक्षिण कोरिया में कामकाजी वर्ग के लोगों की कई वर्षों से उल्लेखनीय वेतन वृद्धि नहीं की गई। इसके अलावा, कई विकसित देशों में बुनियादी ढांचा भी पुराना हो रहा है और इसे अद्यतन करने में कोई पूंजी निवेश नहीं की गई है। उधर 2008 के वित्तीय संकट के बाद से, लैटिन अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ देश “मध्यम-आय जाल” में फंस गए हैं और धीमी वृद्धि का अनुभव कर रहे हैं। जबकि एशिया में चीन और भारत ने दीर्घकालिक और स्थिर विकास हासिल किया है जिसपर दुनिया का ध्यान आकर्षित है। विश्व आर्थिक विकास में चीन का योगदान लंबे समय से 30% पर बना हुआ है।

2024 में चीन की जीडीपी लगभग 18.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है। उद्यमों के परिवर्तन और उन्नयन के माध्यम से, चीनी अर्थव्यवस्था का गुणात्मक परिवर्तन किया जा रहा है। पहले के तीव्र आर्थिक विकास के चरण में, चीन के प्राथमिक उद्योगों जैसे स्टील, कपड़ा, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण और रियल एस्टेट ने पर्याप्त आर्थिक विस्तार किया। जैसे-जैसे बाहरी वातावरण बदलता है, चीन को अपने उद्योग को बदलना पड़ता है। चीन को अर्धचालक, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहनों, बड़ा डेटा, और स्माट शहर निर्माण जैसे पर निर्भर कर आर्थिक विकास को गति देना होगा। चीन की अर्थव्यवस्था व्यापक उच्च गति विकास से वर्तमान दक्षता-केंद्रित मध्यम-उच्च गति विकास में बदल गई है, जो चीन को अधिक उच्च तकनीक उद्योगों में अग्रणी स्थान हासिल करने में सक्षम बनाएगी। नई उत्पादक शक्तियों का विकास अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियाँ प्रदान कर सकता है और चीनी श्रम के तकनीकी स्तर में भी सुधार करेगा।

सुधार और खुलेपन की नीति को लागू करने के बाद, चीन ने अपनी जीडीपी को 149.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर लगभग 19 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के वर्तमान स्तर तक पहुंचाने में 40 से अधिक साल बिताए हैं, जिसमें प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी लगभग 13,000 अमेरिकी डॉलर है। चीन खुद का विकास करने के साथ-साथ दुनिया को भी लगातार मौके मुहैया करा रहा है। वर्तमान में, चीन दुनिया की औद्योगिक क्रांति के नए दौर का मुख्य प्रवर्तक है। चीन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व अर्थव्यवस्था के विकास का नेतृत्व करना शुरू कर दिया है। चीन में Baidu, अलीबाबा और Tencent जैसी इंटरनेट कंपनियां अमेरिका में Apple, Google तथा Amazon आदि के साथ तालमेल बिठा रही हैं। दुनिया की शीर्ष 20 इंटरनेट कंपनियां मूल रूप से चीन और अमेरिका की हैं, जबकि शीर्ष दस इंटरनेट कंपनियों में से 6 अमेरिका की हैं और 4 चीन की हैं। इस प्रक्रिया में, अमेरिका दुनिया भर से प्रतिभाओं को आकर्षित करने में अपने लाभों पर निर्भर करता है, जबकि चीन अपने लोगों की कड़ी मेहनत की राष्ट्रीय भावना पर निर्भर करता है। जिससे चीन उच्च तकनीक क्षेत्र में विश्व के महारथी अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है।

चीन की फोटोवोल्टिक बिजली उत्पादन तकनीक दुनिया के अन्य देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए व्यापक विकास संभावनाएं प्रदान करती है। एशिया और अफ्रीका के अधिकांश हिस्सों में प्रचुर मात्रा में सौर ऊर्जा भंडार हैं। चीन न केवल फोटोवोल्टिक बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया की सेवा कर सकता है, बल्कि चीन द्वारा आविष्कार की गई अल्ट्रा-हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन तकनीक भी न्यूनतम ऊर्जा खपत के साथ लंबी दूरी की विद्युत पारेषण कर सकती है। इस तकनीक के साथ, चीन एशिया और अफ्रीकी महाद्वीप के विशाल क्षेत्रों में सुपर ग्रिड बनाने और दुनिया को स्वच्छ और सस्ती बिजली प्रदान करने में सक्षम होगा।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप , पेइचिंग) 

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