Last Updated: October 1, 2026

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घोड़े के वर्ष की आहट: परंपरा, प्रगति और तकनीक के संग चीन का स्प्रिंग फेस्टिवल

February 1, 2026

घोड़े के वर्ष की आहट: परंपरा, प्रगति और तकनीक के संग चीन का स्प्रिंग फेस्टिवल

यूँ तो बसंत ऋतु सभी का मन मोह लेती है, लेकिन भारत और चीन में इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाता है और अनेक प्रकार के आयोजन होते हैं। मुझे इस मौके पर महान भारतीय कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक कविता याद आती है जिसे उन्होंने बड़े ही सरल शब्दों में लिखा है और जो मन को छू जाती है

आ गया है बसंत,
वन उपवन में पुलकित जीवन,
फूले-फले हैं फूल,
डाल-डाल पर बैठी कोयल
कुहुक रही है भूल।

हरित धरा पर नव जीवन की,
छाई मधुर कहानी,
रंग-बिरंगे फूलों ने फिर
लिख दी प्रेम कहानी।

निराला जी की यह कविता बसंत को केवल ऋतु नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना और नवउत्साह का प्रतीक बनाकर प्रस्तुत करती है।

चीन की हवा में अब बसंत महोत्सव (स्प्रिंग फेस्टिवल) की खुशबू बसने लगी है। 17 फरवरी से शुरू होने वाले ‘घोड़े के वर्ष’ (Year of the Horse) की तैयारियाँ जोरों पर हैं। चीनी ज्योतिष में घोड़ा ऊर्जा, साहस, तेज़ गति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। और यही भावना आज के नए चीन की तस्वीर पेश करती है – जहाँ हज़ारों साल की संस्कृति और 21वीं सदी की तकनीक, दोनों साथ-साथ दौड़ रही हैं। यह केवल कैलेंडर बदलने का उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा, परिवार और भविष्य की उम्मीदों को एक सूत्र में पिरोने का समय है। गलियों में लाल लालटेनें, घरों के द्वार पर शुभकामनाओं के कूपलेट और बाज़ारों में चहल-पहल—हर दृश्य उत्सव की कहानी कहता है।

संस्कृति की धड़कन
स्प्रिंग फ़ेस्टिवल की आत्मा सदियों पुरानी लोकपरंपराओं में बसती है। ड्रैगन-लायन नृत्य, मंदिर मेलों की रौनक, पारिवारिक भोज और बुज़ुर्गों से आशीर्वाद—ये सब मिलकर सामूहिकता का एहसास कराते हैं। घोड़े का प्रतीक चीन में गति, परिश्रम और साहस का द्योतक माना जाता है; यही वजह है कि यह वर्ष नई शुरुआत और तेज़ कदमों का संकेत देता है।

लालटेन और QR कोड: पुराने और नए का मेल
राजधानी बीजिंग के ‘नानलुओक्सियांग’ जैसे प्राचीन मोहल्ले हों या शंघाई के चमकते शॉपिंग जिले, हर जगह लाल रंग के लालटेन, कागज़ की कतरनों (पेपर-कट) से सजावट और ‘फू’ (समृद्धि) के चिन्ह दिख रहे हैं। लेकिन अब इन gelds पर अक्सर एक QR कोड भी चिपका होता है! उस कोड को स्कैन करते ही आपको उस परंपरा का इतिहास, उससे जुड़ी कहानी, या फिर उस सामान को ऑनलाइन खरीदने का विकल्प मिल जाता है। डिजिटल युग ने परंपरा को सिर्फ सुरक्षित ही नहीं रखा, बल्कि उसे दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचा दिया है।

“लाल रंग का डिब्बा”: डिजिटल ‘लाल बैग’ का तूफ़ान
पुराने ज़माने में बुजुर्ग पोते-पोतियों को लाल रंग के कागज़ (होंगबाओ) में नकद पैसे भेंट करते थे। आज, वही परंपरा वीचैट और अलीपे जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स के ‘डिजिटल लाल बैग’ (ई-होंगबाओ) में तब्दील हो गई है। अब लोग फोन से ही दोस्तों और परिवार को ‘लाल बैग’ भेजते हैं, जिसमें कभी नकद होता है, तो कभी ऑनलाइन खरीदारी के कूपन। यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि चीन के विशाल डिजिटल इकोनॉमी की ताकत का प्रमाण है।

अर्थव्यवस्था में उत्सव की चमक
त्योहार के साथ-साथ उपभोग भी रफ्तार पकड़ता है। यात्रा, खान-पान, उपहार और सांस्कृतिक आयोजनों से घरेलू बाज़ार में जान आती है। ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स पर ‘न्यू ईयर सेल’ और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ती है, जिससे छोटे कारोबारों को भी संबल मिलता है। यह उत्सव आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देता है—ग्रामीण से शहरी चीन तक।

टेक सेक्टर की ‘तेज़ दौड़’: घोड़े की रफ़्तार से आगे बढ़ता चीन
घोड़े के वर्ष की इस भावना को चीन की आर्थिक और तकनीकी नीतियों में भी देखा जा सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), 5G तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन और अंतरिक्ष अनुसंधान – हर क्षेत्र में चीन ‘घोड़े’ की तरह तेज़ दौड़ रहा है। बसंत महोत्सव पर घर लौटने वाले लाखों लोग अब हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) से सफर करते हैं, जो चीन के बुनियादी ढाँचे के विकास का जीवंत उदाहरण है।

उत्सव, जो भविष्य की ओर ले जाए
घोड़े के वर्ष में चीन की कहानी यही है—परंपरा की जड़ों से जुड़े रहकर तेज़ी से आगे बढ़ना। स्प्रिंग फ़ेस्टिवल न केवल अतीत का सम्मान करता है, बल्कि नवाचार और विकास के लिए रास्ता भी दिखाता है। जैसे-जैसे नववर्ष की उलटी गिनती शुरू होती है, चीन उत्सव के उल्लास के साथ आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर कदम बढ़ाता दिखाई देता है। बसंत महोत्सव चीन की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का समय है, परिवार से मिलने का समय है। यह त्योहार आज सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि भविष्य की ओर देखने का भी प्रतीक बन गया है। जिस तरह घोड़ा बिना रुके आगे बढ़ता है, चीन भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सँभालते हुए नवाचार और आर्थिक विकास की राह पर दौड़ रहा है। घोड़े का यह वर्ष चीन के लिए नई ऊँचाइयों को छूने, नए लक्ष्यों की प्राप्ति और वैश्विक समृद्धि में योगदान देने का वर्ष बने, यही शुभकामना है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)

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