स्थानीय समय के अनुसार 10 से 11 मई तक चीन-अमेरिका व्यापार के लिए चीन के प्रमुख व्यक्ति व उप प्रधानमंत्री ह लिफेंग और अमेरिकी वित्त मंत्री जेफरी बेसेन्ट और व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने स्विट्जरलैंड के जेनेवा में चीन और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय आर्थिक व व्यापारिक वार्ता आयोजित की। 17 जनवरी को चीनी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच फोन कॉल के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण आम सहमति के कार्यान्वयन पर दोनों पक्षों ने स्पष्ट, गहन और रचनात्मक संचार किया और कई महत्वपूर्ण समानताएं संपन्न कीं । वार्ता में व्यावहारिक प्रगति हुई।
हे लिफेंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच व्यापक समान हित और सहयोग की बड़ी गुंजाइश है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सम्बंधों का मर्म आपसी लाभ और समान जीत है। विभिन्न विकास चरणों और आर्थिक प्रणालियों वाले दो प्रमुख देशों के रूप में, चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक और व्यापार सहयोग में मतभेद और घर्षण होना सामान्य बात है। मुख्य बात यह है कि दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमति से मार्गदर्शन लिया जाए, आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और साझी जीत सहयोग के सिद्धांतों का पालन किया जाए, तथा समान वार्ता और परामर्श के माध्यम से समस्याओं को उचित रूप से हल करने के तरीके ढूंढे जाएं। व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता।
चीन व्यापार युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता, लेकिन वह इससे डरता भी नहीं है। यदि अमेरिका चीन के अधिकारों और हितों के उल्लंघन पर अड़ रहता है, तो चीन दृढ़ता से जवाबी हमला करेगा और अंत तक लड़ेगा। चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक सम्बंधों के स्वस्थ, स्थिर और सतत् विकास को बनाए रखना दोनों देशों और उनके लोगों के मौलिक हित में है और वैश्विक आर्थिक विकास के लिए भी अनुकूल है। दोनों पक्षों को सहयोग की क्षमता का पता लगाना चाहिए, सहयोग सूची का विस्तार करना चाहिए, चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक सम्बंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा देना चाहिए, और विश्व अर्थव्यवस्था में और अधिक निश्चितता और स्थिरता डालनी चाहिए।
चीन और अमेरिका ने आर्थिक और व्यापार क्षेत्रों में अपनी-अपनी चिंताओं पर संवाद बनाए रखने के लिए एक आर्थिक और व्यापार परामर्श तंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

