चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 नवंबर को दक्षिण कोरिया में एपेक नेताओं की 32वीं अनौपचारिक बैठक के मेजबान के हस्तांतरण समारोह में घोषणा की कि चीन अगले साल के नवंबर में क्वांगतोंग प्रांत के शनचन शहर में एपेक नेताओं की 33वीं अनौपचारिक बैठक का आयोजन करेगा।
बताया जाता है कि यह वर्ष 2001 और वर्ष 2014 के बाद एपेक के लिए चीन की तीसरी मेजबानी होगी। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन इसके अवसर पर विभिन्न पक्षों के साथ एशिया-प्रशांत साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र की वृद्धि और समृद्धि को बढ़ावा देगा।
इस वर्ष की एपेक बैठक के आयोजन के समय दुनिया में कई नए बदलाव हो रहे हैं। एकतरफावाद और संरक्षणवाद तीव्र होते जा रहे हैं। टैरिफ युद्ध और व्यापार युद्ध का प्रभाव फैल रहा है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास में अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में सभी पक्ष चीन की आवाज सुनने के लिए उत्सुक हैं।
वर्तमान एपेक बैठक के पहले और दूसरे चरणों के सम्मेलनों में शी चिनफिंग ने दो बार महत्वपूर्ण भाषण दिए और एपेक सीईओ शिखर सम्मेलन में लिखित भाषण दिया। खुली एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था का निर्माण करने के बारे में शी चिनफिंग ने पांच सुझाव पेश किए। विश्लेषकों का मानना है कि शी चिनफिंग के भाषण एशिया-प्रशांत क्षेत्र यहां तक कि दुनिया में विकास व सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने और जोखिमों व चुनौतियों का मुकाबला करने को मार्गदर्शन देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
चीन का उच्च गुणवत्ता वाला विकास एशिया-प्रशांत क्षेत्र से अलग नहीं हो सकता और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की समृद्धि भी चीन की भागीदारी के बिना अधूरी है। इस साल की पहली तीन तिमाहियों में एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए चीन का आयात और निर्यात 194 खरब 10 अरब युआन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है। इसका अनुपात चीन के कुल आयात और निर्यात का 57.8 फीसदी है। चीन और एशिया-प्रशांत आर्थिक साझेदारों के साथ सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
वर्तमान एपेक बैठक में शी चिनफिंग ने कई बार विश्व अर्थव्यवस्था के साथ चीन के घनिष्ठ संबंधों की चर्चा की। इससे खुली विश्व अर्थव्यवस्था का निर्माण बढ़ाने में चीन का दृढ़ निश्चय दिखाया गया और स्पष्ट नीतिगत अपेक्षा जारी की गई। ऐसे में उम्मीद है कि अगले साल आयोजित होने वाली एपेक बैठक अवश्य ही क्षेत्रीय सहयोग और समान विकास व समृद्धि बढ़ाएगी। चीन लगातार अपनी शैली के आधुनिकीकरण से एशिया-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया को नए अवसर देगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

