भारत के मुंबई में चीनी महावाणिज्य दूतावास ने बुधवार को 2026 चीनी नव वर्ष (स्प्रिंग फेस्टिवल) रिसेप्शन का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर मुंबई और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले चीनी प्रवासियों, चीनी उद्यमों के प्रतिनिधियों, राजनयिक मिशनों के सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 भारतीय मित्र उपस्थित रहे।
मुंबई में चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2025 में चीन-भारत सम्बंधों ने दोनों देशों के नेतृत्व के रणनीतिक मार्गदर्शन में निरंतर सुधार देखा। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं ने स्थिर वृद्धि दर्ज की, जिसने घनिष्ठ सहयोग के लिए ठोस आधार तैयार किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) का प्रथम वर्ष होगा, जिसमें चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास और उच्च स्तरीय खुलेपन को जारी रखेगा। चीन ब्रिक्स के 2026 के अध्यक्ष के रूप में भारत का समर्थन करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करेगा।
समारोह में चीनी प्रवासियों और चीनी भाषा शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं छात्रों ने शेर नृत्य, गीत, पारंपरिक ऑपेरा, मार्शल आर्ट और योग सहित शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अतिथियों ने कागज कताई और सुलेख जैसी पारंपरिक चीनी लोक कलाओं का अनुभव किया, जिससे वातावरण उत्सवपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण बना रहा।
समारोह के दौरान चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के “स्प्रिंग फेस्टिवल गाला” के प्रोमो वीडियो की शानदार प्रस्तुति हुई। इसके अवसर पर भारतीय अतिथियों ने भारत में “स्प्रिंग फेस्टिवल गाला” के अधिक प्रदर्शन की उम्मीद जताई और दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने, संयुक्त विकास को बढ़ावा देने और दोनों देशों के लोगों के बीच सम्बंधों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।
भारत के प्रसिद्ध थिंक टैंक विद्वान श्री सुधींद्र कुलकर्णी ने सीएमजी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में सभी चीनी मित्रों को चीनी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि अश्व वर्ष शक्ति, लचीलापन और जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने हार्दिक कामना की कि इस वर्ष में चीन-भारत सम्बंध भी अधिक लचीलापन, अधिक शक्ति और व्यापक जीवंतता प्रदर्शित करें।
उधर, सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय मुंबई के अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध विभाग के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार उपाध्याय ने सीएमजी के साथ बातचीत में भारत-चीन संयुक्त विकास के प्रति आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भारत-चीन व्यापार और समग्र सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दो प्राचीन सभ्यताओं के रूप में, दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक सम्बंध हैं। उन्होंने आने वाले वर्षों में व्यापार, शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और विनिर्माण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग गहराने की उम्मीद जताई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

