कोरियाई लोकतांत्रिक जन गणराज्य (डीपीआरके) के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल ही में डीपीआरके की राजकीय यात्रा की। इस समय के दौरान, दोनों नेताओं ने एक नए युग में चीन-डीपीआरके सम्बंधों के उच्च स्तर को डिज़ाइन किया और रणनीतिक मार्गदर्शन दिखाया। दोनों पक्षों का समान विचार है कि समाजवाद के भविष्य की रणनीतिक दृष्टि से युगांतर रुझान को देखते हुए चीन-डीपीआरके सम्बंध के उच्च स्तरीय विकास को बढ़ाना चाहिए।
इस यात्रा में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बल दिया कि चाहे अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में कैसे भी बदलाव आएं, चीनी पार्टी और सरकार के चीन-डीपीआरके के साथ परंपरागत मित्रता को महत्व देने के दृढ़ पक्ष में कोई बदलाव नहीं आएगा, किम जोंग उन के नेतृत्व में डीपीआरके समाजवादी कार्य के दृढ़ समर्थन में बदलाव नहीं आएगा और दोनों पक्षों के समान हितों तथा अच्छी रणनीतिक वातावरण की सुरक्षा करने के दृढ़ संकल्प में बदलाव नहीं आएगा। किम जोंग-उन ने कहा, ‘ हम डीपीआरके-चीन सम्बंधों को अपना सबसे महत्वपूर्ण और पहला रणनीतिक कार्य मानने के लिए हमेशा की तरह प्रतिबद्ध हैं। इन महत्वपूर्ण अभिव्यक्तियों से बाहर को यह शक्तिशाली संदेश भेजा गया है कि चीन और डीपीआरके हाथ से हाथ मिलाकर समाजवादी कार्य आगे बढ़ाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति के उतार-चढ़ाव में पारंपरिक चीन-डीपीआरके दोस्ती की कुंजी दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं का नेतृत्व है। शी ने कहा कि वे किम जोंग उन के साथ घनिष्ठ रणनीतिक संपर्क बनाए रखकर द्विपक्षीय सम्बंधों को निरंतर नयी ऊंचाई पर पहुंचाने को तैयार हैं। समाजवादी रास्ते पर हमसफ़र होने के नाते चीन और डीपीआरके दोनों आर्थिक विकास, जन-जीवन के सुधार और राष्ट्रीय चौतरफ़ा विकास जैसे कार्यों का सामना कर रहे हैं। विकास रणनीति का डॉकिंग करना व्यावहारिक मांग है और जनता की प्रतीक्षा के अनुकूल भी है।
शी ने इस बार कहा कि दोनों देशों को व्यापार, अर्थव्यवस्था, कृषि, निर्माण, विज्ञान व तकनीक और चिकित्सा क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करना चाहिए। ऐसे कदम दोनों पक्षों के सहयोग का स्तर उन्नत करेंगे और अपने-अपने आधुनिकीकरण का स्तर उन्नत करेंगे औऱ समाजवाद कार्य का स्पष्ट लाभ तथा उज्ज्वल भविष्य दिखाएंगे। दोनों देशों की जनता के लिए खून से बनी परंपरागत मित्रता समान मूल्यवान संपत्ति है, जिसे संजोकर रखना चाहिए। इसके अलावा क्षेत्रीय शांति यहां तक कि विश्व शांति व स्थिरता बढ़ाने में दोनों देशों का समान अनुसरण भी है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

