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रेशम मार्ग के केंद्र से नयी यात्रा हुई शुरू

A new journey began from the heart of the Silk Road.

A new journey began from the heart of the Silk Road.

17 जुलाई 2026 तक, चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के आलाशानखो और ह्वोअरक्कोस दो सीमा पोर्टों से चलने वाली चीन-यूरोप रेल एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या 10,000 से ज्यादा हो गई है, जो पश्चिम की ओर चीन के खुलने की तीव्र गति दर्शाती है। इनमें आलाशानखो पोर्ट से 129 रेल मार्ग संचालित होते हैं, जो 21 देशों तक पहुंचते हैं, जबकि ह्वोअरक्कोस पोर्ट से 91 रेल मार्ग चलते हैं, जो 18 देशों तक जाते हैं। ये चीन-यूरोप ट्रेनें यूरेशिया महाद्वीप में लगातार दौड़ रही हैं, और उच्च गुणवत्तापूर्णबेल्ट एंड रोड पहल का जीवित प्रमाण बन गए हैं।

ये दो पोर्ट पश्चिमी मार्ग के स्वर्णिम केंद्र स्थित हैं, जो चीन के पश्चिम की तरफ खुलने के लिए महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक कार्यभार वहन करते हैं। दस हजार ट्रेनों की सफलता के पीछे पोर्ट की कार्यक्षमता में निरंतर वृद्धि और कस्टम प्रक्रियाओं का लगातार सरलीकरण है। कागज रहित कस्टम प्रक्रिया, 24 घंटे निरंतर जांच, स्टेशन का बुद्धिमान उन्नयन इन सब उपायों से ट्रेनों की यात्रा तेज और सुचारू हुई है, जिससे सीमा पार लॉजिस्टिक आपूर्ति श्रृंखला स्थिर रही है। ये दोनों पोर्टों के मार्ग एक-दूसरे के पूरक हैं और अपनी परिवहन क्षमताओं का मिलकर इस्तेमाल करते हैं। इससे एक मज़बूत अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनता है जो मध्य एशिया को जोड़ता है और यूरोप तक फैला हुआ है। इससे चीन में बने सामान, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों और नई ऊर्जा से जुड़े उपकरणों का कुशलतापूर्वक निर्यात आसान हो जाता है। साथ ही खास विदेशी उत्पादों का चीनी बाज़ार में आसानी से प्रवेश भी संभव होता है।

कुछ मार्गों से लेकर सैकड़ों मार्गों तक, हजार ट्रेनों से दस हजार ट्रेनों की सफलता तक, शिनच्यांग एक आंतरिक भीतरी इलाके से खुलेपन का अग्रिम क्षेत्र तक बन गया है। ये न केवल माल परिवहन का मार्ग हैं, बल्कि उद्योगों के आपसी जुड़ाव, आर्थिक व्यापार सहयोग और लोगों के बीच आपसी समझ से भी संबंधित हैं। लगातार चल रही ये ट्रेनें पोर्ट अर्थव्यवस्था, सीमा पार व्यापार और लॉजिस्टिक प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत बना रही हैं, जिससे सीमांत क्षेत्रों में विकास की ऊर्जा भर गई है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला अस्थिर रहने की स्थिति में चीन-यूरोप रेल एक्सप्रेस का सुरक्षित, तीव्र और स्थिर लाभ और भी उभरकर दिख रहा है। दस हजार ट्रेनें एक नयी शुरुआत हैं, खुलने की नयी यात्रा हैं। आलाशानखो और ह्वोअरक्कोस दोनों पोर्ट अपनी केंद्रीय भूमिका को निभाते रहेंगे, और और अधिक सुचारू अंतर्राष्ट्रीय रेल लॉजिस्टिक मार्ग के जरिए चीन के पश्चिम की ओर खुलने की राष्ट्रीय योजना की सेवा करेंगे, साथ ही यूरेशियाई देशों के सहयोग और साझा विकास के लिए मजबूत ऊर्जा प्रदान करेंगे।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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