पेइचिंग में आयोजित होने वाला APEC चीन CEO फोरम ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, बढ़ता संरक्षणवाद और धीमी आर्थिक वृद्धि विश्व व्यापार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। ऐसे परिदृश्य में यह फोरम एशिया-प्रशांत क्षेत्र के व्यापारिक नेताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
APEC क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख इंजन माना जाता है। विश्व व्यापार, निवेश और नवाचार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में चीन द्वारा आयोजित यह फोरम केवल व्यापारिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और साझा विकास के लिए नए विचारों को भी आगे बढ़ाता है। चीन में आयोजित होने वाले इस फोरम में एक उद्घाटन समारोह और तीन विषयगत सेमिनार शामिल होंगे।
चीन की विकास रणनीति और व्यावसायिक अवसर
वर्तमान समय में चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और वैज्ञानिक नवाचार जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति हो रही है। यह परिवर्तन वैश्विक निवेशकों और उद्यमों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच चीन लगातार खुलेपन, मुक्त व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग की वकालत करता रहा है। एपीईसी चाइना बिजनेस लीडर्स फोरम इसी दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। यह फोरम इस बात को रेखांकित करता है कि आर्थिक विकास और समृद्धि प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग, परस्पर लाभ और साझा अवसरों के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से हासिल की जा सकती है।
APEC SME बिजनेस फोरम : छोटे उद्यमों को मिलेगा मौका
छोटे और मझोले उद्यमों (MSME) पर केंद्रित यह तीन दिवसीय फोरम 23 से 25 जून तक शेनझेन के लुओहू जिले के सिल्वर लेक कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित किया जाएगा।
आज जब दुनिया स्थिरता और विकास के नए मॉडल तलाश रही है, तब एपीईसी APEC चीन CEO फोरम संवाद, विश्वास और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। यह आयोजन न केवल एशिया-प्रशांत क्षेत्र बल्कि व्यापक वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत देता है। ये दोनों फोरम न केवल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक विकास की दिशा तय करेंगे, बल्कि भारतीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेंगे। भारतीय कंपनियों के लिए प्रौद्योगिकी साझेदारी, संयुक्त उद्यमों और निवेश के रास्ते खुल सकते हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)