Last Updated: September 25, 2026

Dainik Savera Times Logo

सीजीटीएन सर्वेः टोक्यो ट्रायल हमेशा से प्रासंगिक है

May 3, 2026

सीजीटीएन सर्वेः टोक्यो ट्रायल हमेशा से प्रासंगिक है

80वर्षों से पहले सुदूर पूर्व के लिए अंतरराष्ट्रीय सैन्य अदालत ने दूसरे विश्व युद्ध में जापानी ए क्लास के युद्ध अपराधियों पर मुकदमा चलाया और जापानी सैन्यवाद के असंख्य अपराधों के प्रति दंड सुनाया। लेकिन 80 वर्षों के बाद जापान अब फिर सैन्यीकरण और भू-राजनीतिक उकसावे के रास्ते पर चल रहा है। चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा वैश्विक नेटिजनों में कराये गये एक सर्वे के परिणामों से पता चला कि 81.8 प्रतिशत लोगों का विचार है कि जापान में ऐतिहासिक संशोधनवाद और नयी किस्म वाले सैन्यवाद के मिश्रण में तेजी आ रही है, जो क्षेत्र की शांति व स्थिरता के लिए वास्तविक खतरा बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इससे सर्तक रहना चाहिए।

इस सर्वे में 64.1 प्रतिशत लोगों का विचार है कि टोक्यो ट्रायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी जगत के सर्वोच्च प्राधिकार से जापानी सैन्यवाद के ऐतिहासिक अपराधों का व्यवस्थित पर्दाफाश किया। 81.6 प्रतिशत लोगों का विचार है कि ट्रायल ने कानूनी तरीके से जापानी उल्लंघन की पुष्टि की और 76.1 प्रतिशत लोगों का विचार है कि ट्रायल ने विश्व को यह संदेश भेजा है कि उल्लंघन करने वाले को ज़रूर ही सज़ा मिलेगी और क्रूर कार्रवाई को ज़रूर ही दंड मिलेगा।

उल्लेखनीय बात है कि टोक्यो ट्रायल की 80वीं वर्षगांठ में जापान सैन्य व सुरक्षा क्षेत्र में बार-बार खतरनाक व भड़काव की कार्रवाई कर रहा है, कुछ जापानी राजनीतिज्ञ मनमाने ढंग से युद्ध छेड़ने की बात कर रहे हैं, जो तत्कालीन जापानी सैन्यवादियों की तरह है। इसके प्रति सीजीटीएन के सर्वे में भाग लेने वाले 86.7 प्रतिशत लोगों का विचार है कि जापानी दक्षिण पंथियों की उपरोक्त चेष्टा व बातें टोक्यो ट्रायल के परिणाम और युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय़ व्यवस्था के प्रति गंभीर उकसावा है। 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर टोक्यो ट्रायल के फैसले की सुरक्षा करने की अपील की।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें