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विदेशियों की नजर में “चीनी शैली की सुरक्षा की भावना”

“Chinese-style sense of security” in the eyes of foreigners

“Chinese-style sense of security” in the eyes of foreigners

हाल ही में, चीन में रहने वाले एक ब्रिटिश ब्लॉगर ने एक दिलचस्प प्रयोग किया। उन्होंने एक व्यस्त कैफे में मेज़ पर अपना लैपटॉप रखा और वहां से चले गए। एक घंटे बाद लौटने पर लैपटॉप जस का तस मिला, किसी ने उसे छुआ तक नहीं था। कैमरे की ओर देखकर उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा, “अविश्वसनीय!” इस तरह के “सुरक्षा परीक्षण” आजकल कई विदेशियों के लिए चीन को समझने का एक नया तरीका बनते जा रहे हैं।

इसी के साथ “चीनी शैली की सुरक्षा की भावना” शब्द विदेशों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय हो गया है। सड़क किनारे रखे पैकेजों का सुरक्षित रहना, सुपरमार्केट में ग्राहकों का खुद क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करना जबकि मालिक निश्चिंत होकर झपकी ले रहा हो, देर रात अकेले खाना खाना या सुबह-सुबह बाहर दौड़ना… ये सभी दृश्य विदेशियों को गहराई से प्रभावित करते हैं। एक विदेशी नेटिजन ने मज़ाक में कहा, “जब मैं पहली बार चीन आया, तो मुझे खतरे का डर था। लेकिन असली खतरा तो स्वादिष्ट खाने की भरमार निकला, जिससे वजन बढ़ना बहुत आसान है!”

देर रात जगमगाती सड़कों और व्यवस्थित बाजारों की चहल-पहल, जो बाहरी लोगों को “अविश्वसनीय” लगती है, दरअसल चीनियों के लिए रोजमर्रा की बात है। वर्तमान में, चीन में हत्या, आपराधिक अपराध और बंदूक या विस्फोटक से जुड़े मामलों की दर दुनिया में सबसे कम मानी जाती है। अमेरिकी कंपनी Gallup की “2025 वैश्विक सुरक्षा रिपोर्ट” के अनुसार, चीनी नागरिकों की सुरक्षा की भावना और “कानून-व्यवस्था सूचकांक” में उनकी रैंकिंग कई प्रमुख पश्चिमी देशों से बेहतर है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 2025 में चीन में लोगों की सुरक्षा की भावना 98.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो लगातार छह वर्षों से 98 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।

चीनी शैली की यह सुरक्षा भावना मुख्यतः एक सुदृढ़ सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है। हाल के वर्षों में संगठित अपराध पर नियंत्रण, दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई और “नागरिक संहिता” के जरिए लोगों के अधिकारों की रक्षा जैसे कदमों ने मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। इसके साथ ही, सरकार की त्वरित शिकायत-निवारण प्रणाली और जमीनी स्तर पर प्रभावी शासन ने समस्याओं को शुरुआती चरण में ही सुलझाने में मदद की है।

पिछले वर्ष Edelman द्वारा जारी “एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर” में भी यह सामने आया कि सरकार पर भरोसे के मामले में चीनी नागरिक दुनिया में अग्रणी हैं और भविष्य को लेकर सबसे अधिक आशावादी भी। यह सुरक्षा की भावना केवल व्यवस्था से नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति आशा से भी जुड़ी है। चीनी शैली का आधुनिकीकरण समान समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता है। 2025 में प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साथ ही, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक प्रणाली ने एक मजबूत सुरक्षा जाल तैयार किया है। जब जीवन स्थिर हो, सुरक्षा सुनिश्चित हो और भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम हो, तो समाज स्वाभाविक रूप से संतुलित और व्यवस्थित बनता है।

इस भावना की जड़ें चीन की गहरी सांस्कृतिक परंपराओं में भी मिलती हैं। “विश्व सबका है”, “सद्भाव अनमोल है” और “पारस्परिक सहायता” जैसे आदर्श लंबे समय से समाज में रचे-बसे हैं। एक पुरानी कहावत है, “जब अन्न भंडार भरे होते हैं, तब लोग शिष्टाचार जानते हैं।” सामाजिक विकास के साथ सभ्यता का स्तर बढ़ा है, और यही “चीनी शैली की सुरक्षा की भावना” को और मजबूत बनाता है। जैसा कि एक ब्रिटिश नागरिक ने कहा, चीन आकर उन्होंने “विश्वास करना” फिर से सीखा और यह एहसास, जहां आप निश्चिंत होकर जी सकें, वास्तव में अनमोल है।

आज जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में यह सुरक्षा की भावना और भी अहम हो जाती है। यह दिखाता है कि कोई देश अपने भीतर स्थिरता कायम रखते हुए वैश्विक निवेश और व्यवसाय के लिए एक भरोसेमंद स्थान बन सकता है। चीन की यात्रा से लेकर वहां बसने की इच्छा तक, और फिर इस सुरक्षा भावना का अनुभव विदेशी नेटिज़न्स की प्रतिक्रियाएं एक साझा आकांक्षा को दर्शाती हैं: एक सुरक्षित, स्थिर और बेहतर जीवन। चीन द्वारा प्रस्तुत यह सुरक्षा का एहसास “एक दुनिया, एक परिवार” की अवधारणा को ठोस और मानवीय रूप देता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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