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पूर्व-पश्चिम सहयोग बना चीन की समान समृद्धि का तुरुप का इक्का

Minning Town

Minning Town

मिननिंग कस्बा पश्चिमी चीन के निंगश्या हुइ स्वायत्त प्रदेश की राजधानी इनछुएं के दक्षिण पश्चिम में करीब 50 किमी. दूर है। तीस साल पहले वहां मरू और उजाड़ था। स्थानीय किसानों की औसत सालाना आय 500 युआन से कम थी। बाद में पूर्व के तटीय प्रांत फूच्येन की निरंतर मदद से वहां कायापलट होकर जमीनी स्वर्ग बन गया। अब मिननिंग कस्बे की समृद्ध अर्थव्यवस्था और सुंदर वातावरण है। किसानों की औसत सालाना आय चालीस गुना बढ़कर 20 हजार युआन पार कर गयी। मिननिंग चीन के पूर्व-पश्चिम सहयोग का एक सफल मॉडल है, जो देश विदेश की नजर खींच रहा है।

चीन में पूर्व-पश्चिम सहयोग एक खाली नारा या वकालत नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण रणनीति और दीर्घकालिक व्यवस्था है। उसका मूल लक्ष्य पहले से अमीर होने वाले क्षेत्रों द्वारा पिछड़े हुए क्षेत्रों को मदद देने से देश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के बीच फासला पाटकर समन्वित विकास बढ़ाना और अंत में समान समृद्धि पूरा करना है। सहयोग तरीकों में सरकारी मदद, उद्यमों का सहयोग, सामाजिक मदद, प्रतिभाओं का समर्थन आदि शामिल हैं।

चीन में पूर्व-पश्चिम सहयोग तंत्र की शुरुआत वर्ष 1996 में हुई,जिसका नाम था पूर्व-पश्चिम गरीबी उन्मूलन सहयोग। वर्ष 2021 में चीन ने अति गरीबी दूर करने में पूरी विजय पायी। इसके बाद इस तंत्र का फोकस गरीबी उन्मूलन से ग्रामीण पुनरुत्थान की ओर परिवर्तित हुआ। चालू साल चीन में 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला साल है। यह तंत्र सामान्य रूप से मदद देने के चरण में दाखिल हुआ, जिसका मुख्य कार्य नीतियों की स्थिरता बनाए रखकर पूर्व-पश्चिम सहयोग के क्षेत्रों का विस्तार करना, सहयोग के तरीकों व स्तर का सुधार करना और ग्रामीण क्षेत्रों का पूरा पुनरुत्थान और क्षेत्रीय समन्वित विकास बढ़ाना है।

पूर्व-पश्चिम सहयोग तंत्र ने चीन के गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण पुनरुथान और क्षेत्रीय संतुलित विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी और भारी उपलब्धियां हासिल कीं। चीन के पश्चिमी इलाकों का तेज विकास इस व्यवस्थित बंदोबस्त से अलग नहीं हो सकता। आंकड़ों के अनुसार, पिछले पाँच सालों में पूर्वी चीन के 8 प्रांतों व केंद्र शासित शहरों ने 10 पश्चिमी प्रांतों, प्रदेशों व केंद्र शासित शहरों में 1 खरब 15 अरब युवान वित्तीय राहत पूंजी लगायी। संबंधित उद्यमों ने पश्चिमी इलाकों में 750 अरब युआन की पूंजी लगायी। करीब 800 व्यावसायिक पार्कों का सहनिर्माण किया गया। इस तंत्र के जरिये पश्चिमी क्षेत्र के 50 लाख से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिले। पूर्वी प्रांतों के 6500 से अधिक स्कूलों और अस्पतालों ने पश्चिम के 7700 से अधिक स्कूलों और अस्पतालों से जुड़कर उनको मदद दी।

स्थानीय विश्लेषकों के विचार में पूर्व-पश्चिम सहयोग तंत्र के सफल व्यवहार ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का राजनीतिक लाभ और समाजवादी व्यवस्था का लाभ दर्शाया है। सीपीसी के मजबूत नेतृत्व में समग्र हितों के लिए देश भर संसाधन का समन्वय किया जा सकता है और बड़े काम के लिए देश भर की शक्तियां एकत्र की जा सकती हैं। जोड़ी बनाकर सहयोग करना पूर्व-पश्चिम सहयोग तंत्र की सबसे स्पष्ट और कोर विशेषता है। केंद्र के एकीकृत इंतजाम में पेइचिंग, शांगहाई, फूच्येन जैसे पूर्व के विकसित आठ प्रांतों व केंद्र शासित शहरों ने अलग-अलग तौर पर पश्चिम के दस प्रांतों (प्रदेशों व केंद्र शासित शहरों) के साथ जोड़ी बनायी। जोड़ी बनाने वाले प्रांत एक साथ सहायता कार्यक्रम तैयार करते हैं और उन को लागू करते हैं।

उदाहरण के लिए फूच्येन प्रांत ने निंगश्या के साथ जोड़ी बनाकर लंबे समय तक उसकी सहायता की। इस दौरान फुच्येन-निंगश्या सहयोग मॉडल उभरा है। फूच्येन और निंगश्या हर साल एक संयुक्त बैठक बुलाकर अहम कार्य तय करते हैं और कठिन सवालों के समाधान का समंव्य करते हैं। इस के अलावा दोनों प्रांत व प्रदेश अधिकारियों के आदान प्रदान को बड़ा महत्व देते हैं। फूच्येन ने निंगश्या की मदद के लिए कुल 14 जत्थों के 254 अधिकारियों को भेजा और निंगश्या ने सीखने के लिए फूच्येन में 381 अधिकारी भेजे। दोनों ने अपनी अपनी स्थिति के मुताबिक व्यावहारिक सहयोग भी बढ़ाया ताकि पारस्परिक अनुपूर्ति हो सके।

उल्लेखनीय बात है कि वर्तमान पूर्व-पश्चिम सहयोग एकतरफा मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि दोहरी तरफ के सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा है। मसलन निंगश्या में दस हज़ार कार्ड इंटेलीजेंट कम्प्यूटिंग क्लस्टर केंद्र स्थापित किया गया, जो पूर्व में कंप्यूटिंग शक्ति की मांग के लिए सेवा करता है। हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पूर्व-पश्चिम सहयोग कार्य पर अहम निर्देश देकर बल दिया कि हमें फूच्येन-निंगश्या सहयोग आदि लाभकारी अनुभव का सार कर निरंतर क्षेत्रीय समन्वित विकास मजबूत करना और समग्र जनता की समान समृद्धि में ठोस कदम उठाने चाहिए। जाहिर है कि पूर्व-पश्चिम सहयोग चीन द्वारा समान समृद्धि और क्षेत्रीय समन्वित विकास बढ़ाने का अहम तंत्र बन चुका है। भविष्य में वह अधिक गहराई और व्यापकता से आगे बढ़ेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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