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चीन में घासभूमियों की स्थिति में लगातार हो रहा है सुधार: रिपोर्ट

Grassland conditions in China continue to improve: report

Grassland conditions in China continue to improve: report

13 जुलाई को भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश की राजधानी होहोट में ‘अंतर्राष्ट्रीय घासभूमि और चरवाहा वर्ष‘ का चीन क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन की घासभूमियों (ग्रासलैंड) की स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। घासभूमि के इकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) और उसकी उत्पादकता में काफी विकास हुआ है। अब स्वस्थ और अर्ध-स्वस्थ घासभूमियों का क्षेत्रफल 18 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो कुल क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत से ज़्यादा है।

चीन में घासभूमि का कुल क्षेत्रफल लगभग 26.7 करोड़ हेक्टेयर है, जो पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा है। चीन इसके संरक्षण को काफी अहमियत देता है। वह प्राकृतिक बहाली के साथ-साथ कृत्रिम तरीकों को भी अपनाता है। इसके अलावा, चीन पहाड़ों, नदियों, जंगलों, खेतों, झीलों, घासभूमियों और रेगिस्तानों के एकीकृत संरक्षण और उनके व्यवस्थित प्रबंधन के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करता है। घासभूमियों की सुरक्षा और उन्हें फिर से हरा-भरा बनाने के प्रयासों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। बड़ी पर्यावरणीय परियोजनाओं को लागू करने, संसाधनों की निगरानी मज़बूत करने और घासभूमि के लिए ईको-फ्रेंडली पुरस्कार व सब्सिडी नीति को भी ज़मीनी स्तर पर गहराई से लागू किया जा रहा है।

आंकड़ों से पता चलता है कि 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) के दौरान, चीन ने हर साल औसतन 30.67 लाख हेक्टेयर से भी ज़्यादा खराब घासभूमियों को फिर से ठीक किया है। इसके अलावा, हर साल 66.7 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा इलाके में चूहों और कीड़े-मकोड़ों को नियंत्रित किया गया। वहीं, सालाना 60 करोड़ टन से ज़्यादा ताज़ी घास का उत्पादन भी हासिल किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के दौरान, चीन अपनी घासभूमियों के प्रबंधन और शासन प्रणाली में और सुधार करेगा। साथ ही, संसाधनों के संरक्षण को लगातार मज़बूत किया जाएगा। इसके तहत, घासभूमि संरक्षण के लिए सब्सिडी और पुरस्कार नीतियों के चौथे चरण को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। खेती के लिए घासभूमियों को नष्ट करने जैसी किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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