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मानवाधिकार परिषद की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ पर उच्च-स्तरीय संवाद

Human Rights Council

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र के दौरान शुक्रवार को परिषद की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक उच्च-स्तरीय संवाद आयोजित किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने वीडियो संदेश दिया, जबकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क और परिषद अध्यक्ष सिधार्तो रेज़ा सूर्योदिपुरो ने भाग लिया। जिनेवा में चीन के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत च्या क्वेइदे ने भी संबोधन दिया।

राजदूत च्या ने कहा कि 20वीं वर्षगांठ परिषद के मूल उद्देश्यों पर चिंतन और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा प्रस्तावित वैश्विक शासन पहल, शासन में कमियों को दूर करने के लिए एक चीनी समाधान प्रदान करती है, जो परिषद के काम को बेहतर बनाने में मार्गदर्शक है।

राजदूत च्या क्वेइदे ने कहा कि परिषद के काम को बेहतर बनाने के लिए संप्रभु समानता, अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन, तथा निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, गैर-चयनात्मकता और रचनात्मक संवाद के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने मानवाधिकारों के राजनीतिकरण का विरोध किया और कहा कि मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए नागरिक-राजनीतिक तथा आर्थिक-सामाजिक-सांस्कृतिक अधिकारों को संतुलित तरीके से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राजदूत च्या ने जोर देकर कहा कि सभ्यताओं की विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक देश को अपना मानवाधिकार विकास पथ चुनने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को अत्यधिक महत्व देता है और अपने स्वयं के विकास पथ पर दृढ़ है, तथा सभी देशों के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य को बढ़ावा देने और साझा भविष्य के समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी और इसका मुख्यालय जिनेवा में है। 

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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