Site icon Dainik Savera Times

रचनात्मक और भविष्योन्मुखी रिश्तों की ओर बढ़ते भारत और चीन के कदम

India-China Relations: भारत की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स के सम्मेलन के इतर कुछ नई पहल भी हुई। इस पहल का भारत और चीन-दोनों ही देशों में स्वागत किया जा रहा है। यह पहल रही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत।  

इस बैठक में सबसे अहम बात यह हुई कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि चीन और भारत साझेदार हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं। यह सहमति दोनों पक्षों के बीच सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सहमति है और चीन-भारत संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन और रणनीतिक गारंटी प्रदान करती है। वांग यी के इस कथन से साफ है कि दोनों देशों के रिश्ते गर्मजोशी की ओर बढ़ रहे हैं। इस बातचीत के दौरान दोनों ही पक्षों ने आपसी कारोबार, वित्त और रिश्तों में सुधार की दिशा में संवाद तंत्र को ना सिर्फ फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है, बल्कि इसे सक्रिय बनाने को लेकर भी अपनी उत्सुकता भी दिखाई है। 

भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई इस बातचीत के दौरान दोनों देशों ने आपसी संबंधों को बढ़ावा देने की प्रक्रिया पर चर्चा  की। इस बैठक के बाद चीन के विदेश मंत्रालय का बयान बेहद अहम माना जा रहा है। अपने बयान में चीन के विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि दोनों देश एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं। चीन ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र में कुल मिलाकर स्थिरता बनी हुई है. सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के सभी चैनल खुले हुए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि दोनों पक्ष 24वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता में बने सहमति को लागू करने में सक्रिय हैं। इस बीच दोनों देशों के बीच बातचीत के 25वें दौर की तैयारी भी चल रही है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सीमा पर स्थिति स्थिर है और बातचीत के सभी चैनल खुले हुए हैं।

इस बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि स्थिर और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों पक्षों के बीच भरोसा और बेहतर समझ कायम करने में योगदान देंगे। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में उठाए गए हालिया कदमों की समीक्षा की। उन्होंने सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में हासिल हुई प्रगति का भी जायजा लिया।” 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि डोभाल और वांग के बीच बातचीत “रचनात्मक और भविष्योन्मुखी”रही। वांग यी और अजित डोभाल की बैठक को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आई प्रतिक्रियाओं से साफ है कि दोनों देश एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं और दोनों देशों के कारोबारी रिश्ते आने वाले दिनों में और बेहतर हो सकेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) (लेखक- उमेश चतुर्वेदी)

Exit mobile version