वर्ष 2026 तिब्बती चिकित्सा और औषधि पर अंतरराष्ट्रीय अकादमी संगोष्ठी 7 जून को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित हुई। चीन और नेपाल आदि देशों से आये 50 से अधिक तिब्बती चिकित्सा और औषधि विशेषज्ञ तथा अध्ययनकर्ता इस संगोष्ठी में उपस्थित हुए।
नेपाल स्थित चीनी राजदूत चांग माओमिंग,नेपाली स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीकृष्ण श्रेष्ठ और चीनी परंपरागत चिकित्सा अकादमी के चीनी चिकित्सा इतिहास व साहित्य अध्ययन संस्थान की निदेशक चन येन आदि ने उद्घाटन समारोह में भाग लेकर भाषण दिया।
चीनी राजदूत चांग माओमिंग ने कहा कि तिब्बती चिकित्सा और औषधि चीनी परंपरागत संस्कृति का एक महत्वपूर्ण घटक है और विश्व परंपरागत चिकित्सा की मूल्यवान संपत्ति भी है, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी सीख के लिए बड़ा महत्व रखता है। नेपाल चीन द्वारा तिब्बती चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान करने का महत्वपूर्ण साझेदार है।
कृष्ण श्रेष्ठ ने कहा कि नेपाल और चीन तिब्बती परंपरागत चिकित्सा, प्राकृतिक दवा, जड़ी-बूटी संसाधन की सुरक्षा और विकास पर सहयोग और मजबूत कर सकते हैं। संगोष्ठी में उपस्थित विशेषज्ञों और अध्ययनकर्ताओं ने तिब्बती चिकित्सा के इतिहास, क्लिनकल सेवा, अंतरराष्ट्रीयकरण के रास्ते, प्राचीन ग्रंथों के प्रबंधन, तिब्बती चिकित्सा के टर्म्स के मानक अंग्रेजी अनुवाद आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

