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रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट के साथ साक्षात्कार: अंतर्विषयक नवाचार और चीन के साथ उनका जुड़ाव

May 9, 2026

रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट के साथ साक्षात्कार: अंतर्विषयक नवाचार और चीन के साथ उनका जुड़ाव

रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) को एक विशेष साक्षात्कार दिया। जिसमें उन्होंने चीन के साथ अपने गहरे जुड़ाव, अपने अंतर्विषयक अनुसंधान दर्शन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा युवा शोधकर्ताओं पर अपने विचार साझा किए।

लेविट पिछले आठ वर्षों से चीन में पढ़ा रहे हैं और हर साल कई महीने चीन में बिताते हैं। वे चीन के सुरक्षित वातावरण और सुविधाजनक जीवनशैली की सराहना करते हैं। उनके सबसे बड़े पोते वर्तमान में पेइचिंग विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। वे नई चीजों को आजमाने के चीनी साहस की अत्यधिक प्रशंसा करते हैं, जैसे कि सैकड़ों कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करने में सहायता देने का मॉडल, उनका मानना ​​है कि इससे सफल नवाचार की संभावना बढ़ सकती है।

कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी के अग्रणी के रूप में, लेविट ने जैव रसायन में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का परिचय दिया, और एक बहुस्तरीय मॉडल बनाया जिसके लिए उन्हें 2013 का नोबेल पुरस्कार मिला। इस मॉडल को प्रोटीन संरचना, जलवायु परिवर्तन और कई अन्य क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है। वे अंतर्विषयक चिंतन के महत्व पर जोर देते हैं – विषयगत सीमाएँ कृत्रिम हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता इन सीमाओं को धुंधला कर सकती है।

वे प्रतिदिन AI उपकरणों का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं, उनका मानना ​​है कि AI लोगों को आलसी नहीं बनाएगा बल्कि उनकी क्षमताओं को बढ़ाएगा। 2024 के नोबेल पुरस्कार में AI पर केंद्रित होने के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि यह अकादमिक जगत में 60 वर्षों के डेटा संकलन और एल्गोरिथम संबंधी सफलताओं का परिणाम है। उन्होंने “ABC इंटेलिजेंस (जैविक, सांस्कृतिक, AI) + PI (व्यक्तिगत बुद्धिमत्ता)” की अवधारणा प्रस्तावित की, जिसमें इन तीनों तत्वों के संयोजन के महत्व पर बल दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि AI विकास में नवाचार और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, और यह स्पष्ट रूप से परिभाषित करना भी जरूरी है कि जिम्मेदारी किसकी है।

लेविट का मानना ​​है कि नवाचार का मूल युवाओं में निहित है, और अधिकांश महत्वपूर्ण उपलब्धियां 40 वर्ष की आयु से पहले ही प्राप्त हो जाती हैं। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को स्वतंत्रता और प्रयोग एवं त्रुटि की गुंजाइश देने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को अपनी जिज्ञासा बनाए रखने, लीक से हटकर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया और सुझाव दिया कि युवावस्था के दौरान शारीरिक प्रशिक्षण और पारस्परिक कौशल पर ध्यान केंद्रित किया जाए। लेविट ने कहा कि चीन की “AI +” पहल समयोचित है और वे अंतःविषयक नवाचार को बढ़ावा देने और अधिक उत्कृष्ट प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए चीनी युवाओं के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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