2026 विश्व एआई सम्मेलन (WAIC) और एआई विश्व शासन पर उच्च स्तरीय बैठक का उद्घाटन 17 जुलाई को पूर्वी चीन के शांगहाई शहर में किया गया, रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता उमर एम. याग़ी ने उद्घाटन समारोह और मुख्य मंच में भाग लिया। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया कि सम्मेलन में हिस्सेदारी उनके लिए प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक है। उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा दिए गए मुख्य भाषण को ध्यान से सुना, जिसने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
उमर याग़ी ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग एआई और इसके विकास को एक वैश्विक प्रयास मानते हैं जिससे पूरी दुनिया को लाभ होता है, और इस बात पर जोर देते हैं कि एआई का विकास किसी एक देश का अकेला प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं ओपन सोर्स की अवधारणा से पूरी तरह सहमत हूं, जिससे मेरे सहित कई शोधकर्ताओं को बहुत लाभ होता है। मुझे उम्मीद है कि और भी देश इसका अनुसरण करेंगे। मुझे राष्ट्रपति शी का भाषण उत्कृष्ट और प्रेरणादायक लगा। मुझे व्यक्तिगत रूप से उनका भाषण सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।”
उमर याग़ी के विचार में, राष्ट्रपति शी के मुख्य भाषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के लिए चीन के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित सभी क्षेत्रों में चीन का तीव्र विकास हो रहा है। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य के विकास और सामाजिक विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार तथा वैश्विक स्तर पर इसके प्रभाव पर विचार करना आवश्यक हो जाता है। हमें यह समझना होगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ दुरुपयोग का जोखिम भी रखती है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भाषण में रचनात्मकता और वैज्ञानिक अनुसंधान की जीवंतता को दबाए बिना इन दोनों के बीच संतुलन बनाने के तरीके को सटीक रूप से समझाया गया।
साक्षात्कार में उमर याग़ी यह भी कहा कि एआई का विकास अत्यंत तीव्र गति से हो रहा है। सभी विषयों को सक्रिय रूप से एआई को अपनाना चाहिए। एआई को हम जितना अधिक अपनाएंगे और उसका जितना अधिक अन्वेषण करेंगे, मॉडल उतने ही परिष्कृत होते जाएंगे और हमारे विषय मानवता की सेवा में उतने ही बेहतर तरीके से योगदान दे पाएंगे। मौजूदा WAIC ने उनके इस विश्वास को और भी मजबूत किया है।
16 जुलाई को विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग संगठन की स्थापना के समझौते पर हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया। इसका जिक्र करते हुए उमर याग़ी ने कहा कि इस संगठन के तहत, 29 देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे बदलावों से उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शासन पर आम सहमति बनाने और संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने में सक्षम रहे। इसका अर्थ यह है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान अब केवल कुछ देशों के कुछ शोधकर्ताओं द्वारा ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इससे अधिक देशों के अधिक शोधकर्ताओं को मानवता के सामने आने वाली साझा चुनौतियों को हल करने में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यही 29 देशों द्वारा हस्ताक्षरित समझौते का महत्व है।
साक्षात्कार में उमर याग़ी ने यह भी कहा कि चीन की विकास संबंधी उपलब्धियाँ उल्लेखनीय हैं। चीन में हर साल विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में स्नातक होने वालों की संख्या दुनिया के किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक है। परिणामस्वरूप, चीन ने लगभग सभी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में तीव्र विकास हासिल किया है और एआई के कई पहलुओं में विश्व में अग्रणी है। यह उपलब्धि आकस्मिक नहीं है, यह वैज्ञानिक अनुसंधान में निरंतर निवेश का परिणाम है। जिन अनेक वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में चीन ने अभूतपूर्व प्रगति की है, उनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता सबसे प्रमुख है।
आपको बता दें कि उमर याग़ी का जन्म 1965 में जॉर्डन के अम्मान में एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी परिवार में हुआ था। 15 वर्ष की आयु में वे अपनी पढ़ाई के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए। बाद में, उन्होंने कई वर्षों तक अमेरिकी विश्वविद्यालयों में शोध और अध्यापन कार्य किया। साल 2025 में, उन्हें धातु-कार्बनिक फ्रेमवर्क (एमओएफ) विकसित करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जुलाई 2026 में, याग़ी ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय बर्कले, जहाँ उन्होंने 14 वर्षों तक पढ़ाया था, को छोड़कर चीन की राजधानी पेइचिंग में छिंगहुआ विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया।
चीन में अपने जीवन के बारे में बात करते हुए उमर याग़ी ने कहा कि उन्हें चीन बहुत पसंद है। यहाँ ऑनलाइन सेवाएं बेहद सुविधाजनक हैं, किराने का सामान ऑर्डर करना और ऑनलाइन भुगतान करना बहुत आसान है। यहाँ के लोग हमेशा मददगार और समस्या सुलझाने में तत्पर रहते हैं, जिससे उन्हें उनके साथ बहुत सहज महसूस होता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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