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आइए प्यार और एकजुटता के साथ चीनी नववर्ष मनाएं

China News

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चीन में अभी त्योहारों का समय चल रहा है! पूरा चीन अब पारंपरिक चीनी नववर्ष या वसंतोत्सव का स्वागत करने के लिए उत्सव की लालटेन से सजा हुआ है। वसंतोत्सव, जिसे चीनी चंद्र नव वर्ष के नाम से भी जाना जाता है, चीन का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है और हाल के सालों में यह पूरी दुनिया के लिए चीन की समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाने का एक मौका बन गया है।

चीन के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में, वसंत महोत्सव में परंपराओं और उत्सवों की एक समृद्ध श्रृंखला शामिल है जो पुराने वर्ष के अंत और नए वर्ष के आनंदमय आगमन का प्रतीक है। चीनी नव वर्ष महज एक त्योहार नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। बिना झिझक कहें तो वसंत महोत्सव का उत्सव लोगों को हर जगह चीन के साथ गहरे रिश्ते बनाने और उसे बेहतर समझने का मौका देता है।

चीनी नववर्ष के आगमन के साथ, थांग राजवंश के मशहूर चीनी कवि मेंग हाओरान (Meng Haoran) की प्रसिद्ध कविता “स्प्रिंग डौन” (Spring Dawn 春晓) की ये पंक्तियाँ याद आती हैं:

“वसंत की नींद में बीती भोर,
जागा तो गूँजा पंछियों का शोर।
रात भर चली हवा, बरसे मेघ,
कितने फूल झरे—कौन जाने यह भेद।”

वसंतोत्सव, जिसे चीनी भाषा में जिसे “छुनच्ये” कहा जाता है, अपनी चीनी संस्कृति की अद्वितीय सुंदरता के साथ वसंत के आगमन और नए साल की शुरुआत का जश्न मनाता है, जो नई उम्मीदों के साथ खुशी का स्रोत है। सच में, अगर कोई एक त्योहार है जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है, तो वह है चीन का वसंतोत्सव।

2026 अश्व वर्ष: सुंदरता, स्वतंत्रता और ताकत का प्रतीक:

चीनी चंद्र पंचांग के अनुसार, इस साल चीनी नववर्ष या वसंत महोत्सव 17 फरवरी से शुरू होगा, जो अश्व यानी घोड़े के वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। 15 दिनों तक चलने वाले चीनी नए साल समारोह का आखिरी दिन 3 मार्च को “लैन्टर्न फेस्टिवल”, या “युआन जिओ जी” (Yuan Xiao Jie) के साथ मनाया जाएगा।
बारह पशुओं का राशि चक्र – जिसे “शङश्याओ” (Shengxiao) या “शुश्यांग” (Shuxiang) के नाम से जाना जाता है, चीनी राशि चक्र ने पारंपरिक चीनी कैलेंडर की लय को लंबे समय से आकार दिया है। चीनी राशि चक्र के 12 जानवरों में घोड़ा सातवें स्थान पर आता है। चीनी संस्कृति में घोड़ा सुंदरता, आज़ादी और ताकत का प्रतीक है, जो गति, लगन और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

चीनी अश्व वर्ष – 15वीं पंचवर्षीय योजना का प्रारंभिक वर्ष:

चीन के आधुनिकीकरण अभियान में अश्व वर्ष का खास महत्व है, क्योंकि राष्ट्रपति शी चिनफिंग सहित चीनी नेतृत्व ने 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की मुख्य रूपरेखा तैयार की है, जो इस दशक के आखिर तक आर्थिक विकास को आकार देगी। चीनी संस्कृति में अश्व एक शुभ पशु है, जो सफलता और उन्नति का प्रतीक है। इसकी गति और शक्ति चीन की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति को दर्शाती है। घोड़े का यह साल चीन की पहचान और आत्मविश्वास को मज़बूत करेगा, नए विचारों और नवाचारों को बढ़ावा देगा, जो उसके आधुनिकीकरण अभियान के लिए ज़रूरी हैं।

जैसे कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 31 दिसंबर, 2025 को अपने नए साल के भाषण में 1.4 अरब चीनी लोगों को “अश्व वर्ष” में घोड़ों को हांकते हुए अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “आइए, हम आगामी ‘अश्व वर्ष’ में घोड़ों को हांकते हुए और जीवन-शक्ति से ओतप्रोत होते हुए अविराम गति से आगे बढ़ें, सपना साकार करने के लिए प्रयास करें, सुख प्राप्त करने के लिए संघर्ष करें, और बड़े दृष्टिकोण को सुन्दर वास्तविकता में बदलें।” चूंकि घोड़ा वर्ष कड़ी मेहनत, स्वतंत्रता, साहस और परिवर्तन का प्रतीक है, इसलिए आशा है कि यह अपने साथ तेज गति वाली ऊर्जा, उन्नति और नए अवसर लाएगा, जो चीनी आधुनिकीकरण की दिशा में एक नए युग का सूत्रपात करेगा।

चाइना मीडिया ग्रुप यानी सीएमजी के वसंत महोत्सव गाला (Chunwan – चुनवान) एक विश्व स्तर पर पहचाना जाने वाला, प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम है जो 1983 से चीनी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर टेलीविज़न पर दिखाया जाता है। यह परिवार के मिलन, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह पारंपरिक चीनी सौंदर्यशास्त्र को आधुनिक तकनीक के साथ मिलाता है। यह दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला टेलीविज़न प्रोग्राम है, जो चीनी परंपरा में परिवारों के लिए “ज़रूर देखने लायक” इवेंट के तौर पर गहराई से जुड़ा हुआ है, जो मिलन और गर्मजोशी को दिखाता है।

निश्चित रूप से, चीनी संस्कृति ने दूसरे देशों को चीनी दोस्ती के संदेश से जोड़ा है। भारत और चीन को अपनी-अपनी सभ्यताओं के लंबे इतिहास पर गर्व है। दोनों देशों में पारंपरिक त्योहारों के क्षेत्र में काफी समानताएं देखने को मिलती हैं, जिनमें से ज़्यादातर आज भी मानव सभ्यता की प्रगति में अहम भूमिका निभाते हैं। चीनी नव वर्ष का जश्न और भारत का दिवाली का जश्न (रोशनी का त्योहार) दोनों ही अपने अनोखे सांस्कृतिक अवधारणाओं के साथ समाज को ऐतिहासिक एकजुटता की मज़बूत भावना से जोड़ते हैं।

आज के तेज़ रफ़्तार समाज में, हमारे जीवन में रोशनी और प्यार कभी भी कम नहीं हो सकता। इसलिए, हमें अपने पारंपरिक त्योहारों की खुशी मनानी चाहिए जो खुशी और एकजुटता फैलाते हैं। रंगों, भोजन, प्यार और रोशनी का चीनी वसंत उत्सव हमारी जीवन को रोशन करे और सभी बाधाओं को तोड़े। घोड़े के साल के मौके पर सभी को चीनी नव वर्ष की शुभकामनाएँ!

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)

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