Last Updated: September 26, 2026

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डिजिटल सम्मेलन के परिप्रेक्ष्य से AI युग में शिक्षा पर एक नजर

May 11, 2026

डिजिटल सम्मेलन के परिप्रेक्ष्य से AI युग में शिक्षा पर एक नजर

2026 विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन का उद्घाटन 11 मई को पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत की राजधानी हांगचो में हुआ। यह सम्मेलन केवल शिक्षा के भविष्य पर चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि सहस्राब्दियों पुरानी सभ्यता और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के संगम का भी प्रतीक है।

वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अभूतपूर्व स्तर पर ज्ञान के उत्पादन और प्रसार के तरीकों को बदल रही है। इसके प्रभाव से शिक्षण पद्धतियों, सीखने के तरीकों और मूल्यांकन प्रणालियों में लगातार बदलाव आ रहा है। शिक्षा व्यवस्था अब एक बड़े परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर रही है।

चीनी शिक्षा मंत्रालय और चच्यांग प्रांतीय जन सरकार द्वारा आयोजित यह सम्मेलन 11 से 13 मई तक चलेगा। “कृत्रिम बुद्धिमत्ता + शिक्षा: परिवर्तन, विकास और शासन” विषय पर आधारित यह आयोजन न केवल शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग की उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है, बल्कि बुद्धिमान युग में शिक्षा के मूल स्वरूप, प्रतिभा विकास और वैश्विक शासन जैसे विषयों पर भी गंभीर चिंतन प्रस्तुत करता है।

इस सम्मेलन की सबसे विशिष्ट विशेषता “एआई + शिक्षा” को अवधारणा से व्यावहारिक अनुभव में परिवर्तित करना है। यह सम्मेलन केवल सैद्धांतिक चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस कार्यों पर केंद्रित है। उद्घाटन समारोह में “एआई + शिक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र” की सावधानीपूर्वक तैयार की गई प्रस्तुति ने अंतःविषयक शिक्षा और भविष्य के शिक्षण केंद्रों जैसे परिदृश्यों के माध्यम से वैश्विक अतिथियों के सामने भविष्य के शिक्षण मॉडलों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया।

इसके अलावा, सम्मेलन में भाग लेने वाले लोग “विश्वविद्यालय-उद्यम सहयोग लाइटनिंग स्पीच” के जरिए प्रयोगशालाओं से लेकर उद्योग जगत तक नवाचार और सहयोग की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। वहीं, “डिजिटल शिक्षा हांगचो सफ़र” के सात मार्गों के माध्यम से प्रतिभागियों को बुनियादी शिक्षा कक्षाओं से लेकर अलीबाबा और यूनिट्री इनोवेशन जैसी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों तक पूरे डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को देखने का अवसर मिलेगा। इससे डिजिटल शिक्षा केवल स्क्रीन तक सीमित अवधारणा नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक जीवन का एक वास्तविक हिस्सा बनकर सामने आएगी।

यूनेस्को ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सोच का स्थान नहीं ले सकती, और शिक्षा केवल ज्ञान का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि यह समाजीकरण और आत्मनिष्ठा की एक प्रक्रिया भी है। इस सम्मेलन में जारी होने वाली “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिकता: एक संदर्भ ढांचा” नामक रिपोर्ट में “मानव आत्मनिष्ठा” की मूल अवधारणा प्रस्तावित की गई है, जो इस युगात्मक मुद्दे का समाधान है। प्रौद्योगिकी महज एक साधन है, लक्ष्य मानव जाति का स्वतंत्र और सर्वांगीण विकास है। हमें मशीनों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए गणना शक्ति वाले “उपकरणों” की नहीं, बल्कि ऐसे भावी नागरिकों की आवश्यकता है जिनमें आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता हो।

वर्तमान में, डिजिटल विभाजन और एल्गोरिथम पूर्वाग्रह विश्व के सामने आम चुनौतियाँ हैं। इन वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए, चीन ने “बंद दरवाजों के पीछे काम करने” का विकल्प नहीं चुना है, बल्कि विश्व डिजिटल शिक्षा गठबंधन की स्थापना और राष्ट्रीय स्मार्ट शिक्षा मंच के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण को लॉन्च करके 200 से अधिक देशों के साथ उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन साझा किए हैं, जिससे वैश्विक मंच पर एक “खुला और समावेशी” चीनी समाधान का योगदान दिया जा रहा है। 

यह न केवल एक प्रमुख शक्ति के रूप में चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि “तकनीकी वर्चस्व” को तोड़ने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने का एक व्यावहारिक मार्ग भी प्रदान करता है। साल 2019 में जारी “कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पेइचिंग सहमति” से लेकर इस सम्मेलन के समापन समारोह में जारी होने वाली “कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा पर हांगचो पहल” तक, चीन एक अनुयायी से एक नेता के रूप में परिवर्तित हो रहा है और शासन पर वैश्विक सहमति का निर्माण कर रहा है।

2026 का विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन न केवल “ब्लैकबोर्ड” और “स्क्रीन” के गहन एकीकरण के बारे में एक भव्य आयोजन है, बल्कि यह बुद्धिमान युग की पृष्ठभूमि में मानवता की ओर से एक सामूहिक उत्तर भी है कि कैसे शिक्षा के मूल उद्देश्य को बनाए रखा जाए और शिक्षा के भविष्य को नया आकार दिया जाए।

2026 का विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन बुद्धिमान युग के अवसरों और चुनौतियों को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण भी है। यह एक मापदंड भी है, जो हमें याद दिलाता है कि सभी परिवर्तनों का मापन “लोगों” के आधार पर किया जाना चाहिए। हमें आशा है कि यह भव्य आयोजन शिक्षा में एक नया अध्याय खोलेगा, जहाँ प्रौद्योगिकी का उपयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और मनुष्य एवं मशीनें मिलकर काम करेंगे, जिससे डिजिटल सभ्यता का प्रकाश प्रत्येक बच्चे के सपनों को रोशन कर सकेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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