Last Updated: September 25, 2026

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पेइचिंग में गूंजा भारतीय शास्त्रीय संगीत का जादू: उस्ताद शुजात खान ने बांधा समां

May 11, 2026

पेइचिंग में गूंजा भारतीय शास्त्रीय संगीत का जादू: उस्ताद शुजात खान ने बांधा समां

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी गहरी छाप छोड़ी, जब मशहूर सितार वादक उस्ताद शुजात खान ने पेइचिंग स्थित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित चैती आर्ट फेस्टिवल में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खचाखच भरे सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा को बेहद करीब से महसूस किया।

इमदादखानी घराने की गौरवशाली परंपरा से जुड़े उस्ताद शुजात खान अपनी अनूठी सितार शैली, भावपूर्ण गायकी और सुर-ताल पर असाधारण पकड़ के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उनकी प्रस्तुति केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भारतीय संगीत की गहराई, संवेदना और आध्यात्मिकता का जीवंत अनुभव थी। जैसे ही उनकी उंगलियां सितार के तारों पर थिरकीं, पूरा वातावरण मधुर स्वरों से भर उठा।

कार्यक्रम में तबले पर अमित चौबे और अर्कदीप दास ने शानदार संगत दी। दोनों कलाकारों की लयकारी और ऊर्जा ने प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। सितार और तबले का अद्भुत समन्वय दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ।

यह आयोजन केवल संगीत तक सीमित नहीं था, बल्कि भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपराओं को चीन के विभिन्न शहरों तक पहुंचाने में चैती आर्ट्स फाउंडेशन की भूमिका सराहनीय रही है। चैती आर्ट्स फाउंडेशन लगातार भारतीय कला, संगीत और संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है।

पेइचिंग में स्थित भारतीय दूतावास ने भी चैती आर्ट्स फाउंडेशन की इस पहल की दिल खोलकर प्रशंसा की। भारतीय दूतावास का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल भारतीय परंपराओं को विश्व तक पहुंचाते हैं, बल्कि विभिन्न देशों के लोगों के बीच आपसी समझ, सम्मान और मित्रता को भी प्रगाढ़ बनाते हैं।

पेइचिंग में आयोजित यह संगीत संध्या इस बात का प्रमाण रही कि कला और संगीत की कोई सीमा नहीं होती। भाषा, देश और संस्कृति से परे जाकर भारतीय शास्त्रीय संगीत ने वहां उपस्थित हर श्रोता के दिल को छू लिया। उस्ताद शुजात खान और उनके साथी कलाकारों की यह प्रस्तुति लंबे समय तक संगीत प्रेमियों की स्मृतियों में जीवित रहेगी।

(दिव्या पाण्डेय- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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