मिलान-कॉर्टिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक के आयोजकों ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2022 में आयोजित पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक के सिद्धांत और मॉडल का उनके खेलों पर गहरा प्रभाव पड़ा है, खासकर स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्र में।
मिलान-कॉर्टिना 2026 की विरासत विभाग के निदेशक जैकोपो माजेटी और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के ओलंपिक प्रभाव और विरासत विभाग के प्रमुख अर्रम किम ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को बताया कि पेइचिंग खेलों की कई अवधारणाएं आगामी आयोजनों में जारी रहेंगी।
माजेटी के विचार में, अगर हम ओलंपिक विरासत की बात करें, तो 2022 पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक का विशेष महत्व है क्योंकि यह ओलंपिक आदर्श वाक्य में ‘एक साथ’ (टुगेदर) शब्द को शामिल किए जाने के बाद पहला शीतकालीन खेल था। उन्होंने कहा कि इसने सभी हितधारकों को एक साथ आकर परियोजनाओं पर काम करने और एक साझा ओलंपिक विरासत बनाने का मार्ग दिखाया। उन्होंने विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पेइचिंग ओलंपिक से सीखने पर जोर दिया। माजेटी ने कहा कि हमने 2022 पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक में प्रौद्योगिकी की शक्ति को देखा, और हम इसमें निवेश जारी रखना चाहते हैं।
माजेटी ने बताया कि मिलान-कॉर्टिना खेलों की एक बड़ी विरासत इसका ‘विकेंद्रीकृत आयोजन मॉडल’ (कई शहरों में फैला हुआ आयोजन) होगा, जिसे 2030 में फ्रांस के फ्रेंच आल्प्स क्षेत्र में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक द्वारा भी अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के कई फायदे हैं, जैसे पहले से मौजूद खेल स्थलों का उपयोग करना, पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना। उनका मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण लाभों में से एक स्थिरता हासिल करना है। भविष्य में और अधिक खेल आयोजन मौजूदा स्थलों को प्राथमिकता देंगे।
आईओसी के अर्रम किम ने खुलासा किया कि उन्होंने हाल ही में मिलान में ‘चाइना हाउस’ में एक संगोष्ठी में भाग लिया, जहां ओलंपिक विरासत के मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि विश्व ओलंपिक शहर गठबंधन (वर्ल्ड यूनियन ऑफ ओलंपिक सिटीज) नियमित रूप से ऐसी बैठकें आयोजित करता है। किम ने कहा कि अब हम मिलान-कॉर्टिना 2026 की मेजबानी करने वाले इतालवी शहरों को भी इस नेटवर्क में शामिल होने और भविष्य के ओलंपिक मेजबान शहरों तक इस विरासत को पहुंचाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

