Last Updated: October 13, 2026

Dainik Savera Times Logo

चीन-अफ्रीका दोस्ती का नया दौर: 2026 में सांस्कृतिक आदान-प्रदान का साल

February 12, 2026

चीन-अफ्रीका दोस्ती का नया दौर: 2026 में सांस्कृतिक आदान-प्रदान का साल

चीन और अफ्रीका की दोस्ती आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है। दो महाद्वीप जो इतनी दूर हैं फिर भी कितने करीब हैं। 2026 में दोनों मिलकर चीन-अफ्रीका सांस्कृतिक और लोगों के बीच आदान-प्रदान का साल मनाने जा रहे हैं। साथ ही यह साल चीन के अफ्रीकी देशों से राजनयिक संबंध शुरू होने की 70वीं सालगिरह भी है जो 1956 में मिस्र के साथ शुरू हुआ था। यह सिर्फ एक सालगिरह का जश्न नहीं होगा, बल्कि दोनों तरफ के लोगों के बीच नजदीकी बढ़ाने का बहुत बड़ा मौका होगा।

दोस्ती की शुरुआत: 1956 से आज तक का सफर

चीन और अफ्रीका की दोस्ती की जड़ें बहुत गहरी हैं। आधुनिक रिश्ते की असली शुरुआत 1956 में हुई, जब चीन ने मिस्र के साथ राजनयिक संबंध बनाए। उस समय अफ्रीका के ज्यादातर देश आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे। चीन ने कई स्वतंत्रता आंदोलनों का खुलकर साथ दिया। 1950 के दशक से लेकर आज तक एक खास परंपरा चली आ रही है। लगभग हर साल चीन के विदेश मंत्री की पहली विदेश यात्रा किसी न किसी अफ्रीकी देश में होती है। 2000 में फोरम ऑन चीन-अफ्रीका कोऑपरेशन (FOCAC) शुरू हुआ, जो अब दोनों के बीच सबसे बड़ा सहयोग का मंच बन चुका है। आज चीन ने अफ्रीका के लगभग सभी देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी का रिश्ता बना रखा है। 2024 के FOCAC समिट में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा था कि चीन-अफ्रीका रिश्ता अपने इतिहास के सबसे मजबूत और सुनहरे दौर में है।

व्यापार और निवेश: आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं

पिछले 16 साल से चीन अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। दोनों के बीच व्यापार में जबरदस्त तेजी आई है। 2000 में दोनों का कुल व्यापार सिर्फ 11.67 अरब डॉलर था। 2022 तक यह बढ़कर 257.67 अरब डॉलर हो गया। 2024 में यह आंकड़ा 295.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया यानी करीब 5% की बढ़ोतरी हुई। चीन अफ्रीका से मुख्य रूप से खनिज, तेल और कृषि उत्पाद खरीदता है। वहीं अफ्रीका को चीन से मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और दूसरे तैयार माल मिलते हैं। 2024 में चीन का अफ्रीका को निर्यात 178.76 अरब डॉलर रहा, जबकि अफ्रीका से आयात 116.79 अरब डॉलर रहा। इसका मतलब है कि अफ्रीका का व्यापार घाटा करीब 62 अरब डॉलर रहा, लेकिन अच्छी खबर यह है कि चीन ने 33 सबसे कम विकसित अफ्रीकी देशों के लिए 100% टैरिफ-फ्री व्यापार की सुविधा शुरू कर दी है। निवेश की बात करें तो 2000 से 2022 के बीच चीन ने अफ्रीका में 112 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।ये निवेश खास तौर पर उद्योग, ऊर्जा और खनन क्षेत्र में किया गया है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत अफ्रीका में सड़कें, बंदरगाह, बिजली ग्रिड और रेलवे बनाए गए हैं। उदाहरण के लिए घाना का जेमस्टाउन फिशिंग पोर्ट इसका एक अच्छा नमूना है।

लोगों के दिलों को जोड़ना: 2026 का सबसे खास मकसद

पैसे और प्रोजेक्ट से रिश्ते मजबूत होते हैं, लेकिन असली मजबूती लोगों के बीच के रिश्तों से आती है। इसलिए 2026 को पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज ईयर यानी लोगों के बीच आदान-प्रदान का साल घोषित किया गया है। पूरे साल 600 से ज्यादा कार्यक्रम होने वाले हैं। इनमें चीन-अफ्रीका यूथ फेस्टिवल, सांस्कृतिक मंच, फिल्म फेस्टिवल, AI प्रतियोगिताएं और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शामिल हैं। इस साल की मुख्य थीम है-हर मौसम में साथ देने वाली दोस्ती को और मजबूत करना और आधुनिकीकरण का साझा सपना पूरा करना। पहले से ही कई अच्छे काम चल रहे हैं।15 अफ्रीकी देशों में 17 लुबान वर्कशॉप्स बनाए गए हैं जहां अब तक 10,000 से ज्यादा लोग ट्रेनिंग ले चुके हैं। चीनी फिल्में जैसे मिनिंग टाउन अफ्रीकी घरों में खूब लोकप्रिय हो रही हैं। 34 अफ्रीकी देश अब चीनी पर्यटक ग्रुप्स के लिए खुले हैं। तियांगोंग डायलॉग जैसे कार्यक्रम युवाओं को आपस में जोड़ रहे हैं। ये सब सॉफ्ट पावर के जरिए रिश्तों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने का काम कर रहे हैं।

FOCAC: सहयोग का सबसे बड़ा इंजन

FOCAC दोनों के बीच सहयोग का मुख्य केंद्र है।2021 के सम्मेलन में 9 बड़े प्रोग्राम घोषित हुए थे, जिनमें से 26 व्यापार परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। कृषि प्रोजेक्ट्स की वजह से मलावी और बुर्किना फासो जैसे देशों में फसलें 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। 2024 के समिट में 10 नई पार्टनरशिप घोषित की गईं खासकर क्लीन एनर्जी और ग्रीन डेवलपमेंट के क्षेत्र में। चीन ने 51 अरब डॉलर के वादे किए हैं और साथ ही 1,000 छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स अफ्रीका की असल जरूरतों के हिसाब से शुरू करने का ऐलान किया है।

2026 में क्या होगा और आगे की राह

2026 में नई पीढ़ी के बीच रिश्ते और गहरे होंगे। अफ्रीकी युवा लीडर्स चीन जाएंगे और चीनी युवा अफ्रीका आएंगे। कल्चरल सिल्क रोड जैसे कार्यक्रम चलेंगे। अफ्रीका को नए निवेश, ट्रेनिंग और बाजार का मौका मिलेगा वहीं चीन को संसाधन और मजबूत दोस्ती मिलेगी हालांकि कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे व्यापार में असंतुलन और कुछ देशों पर कर्ज का बोझ, लेकिन यह रिश्ता इसलिए मजबूत है क्योंकि यह बराबरी और आपसी सम्मान पर टिका हुआ है।2026 सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि एक नया अध्याय है। यह साल दिखाएगा कि जब दो अलग-अलग महाद्वीप दिल से साथ देते हैं तो दुनिया को बेहतर बनाने में कितनी ताकत होती है। चीन और अफ्रीका मिलकर साबित करेंगे कि सच्ची दोस्ती से बड़े-बड़े सपने पूरे हो सकते हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें