चीन के शहर शनचन में अपेक देशों के सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और छोटे एवं मध्यम उद्यमों के प्रतिनिधियों की बैठक खत्म हुए तीन दिन हो चुके हैं। लेकिन इस बैठक की गूंज एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों में बनी हुई है। इसकी वजह यह है कि इन लोगों ने अपनी तीन दिन की बैटक में छोटे और मध्यम उद्योगों के डिजिटल और इंटेलिजेंट बदलाव के लिए नई राहें तलाशने और दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलने की कोशिश की। यहां यह बताना जरूरी है कि अपेक एसएमई बिज़नेस फोरम अपेक चीन 2026 का अहम कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम की शुरूआत 2017 में हुई, तब से लेकर अब तक इस फोरम की चीन ने छह बार मेजबानी की है। अपनी शुरूआत के दस सालों में यह फोरम उच्च स्तरीय नीति निर्माण की चर्चा, बहुस्तरीय सहयोग, लघु और मध्यम उद्योगों के नवाचार और क्षेत्रीय कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक प्रमुख मंच के तौर पर उभरा है।
इस बार की बैठक का विषय रहा, “डिजिटल इंटेलिजेंस सशक्त बनाता है, खुले नवाचार को बढ़ाता है, और द्विपक्षीय फायदेमंद सहयोग की भावना की जीत होती है”। इस थीम के तहत, इस साल के एजेंडे में जहां मुख्य फोरम पर चर्चा हुई और साथी ही तीन समानांतर सत्र संचालित हुए। इसके साथ ही क्षेत्रीय लघु एवं मध्यम उद्योगों की अद्यतन उच्च गुणवत्ता वाले नवाचार की उपलब्धियों को दिखाने के लिए विशेष रूप से प्रदर्शनी क्षेत्र भी बनाया गया था। इसके मुख्य फोरम में जहां मुख्य वक्ताओं बदलते वैश्विक कारोबार और निवेश माहौल पर विस्तार से चर्चा की, वहीं कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के दौरान एआई के जरिए आ रहे बदलाव के मॉडल और उसके असर पर भी चर्चा हुई। इस दौरान ऐसी रणनीति बनाने पर भी चर्चा हुई, जो मौजूदा दौर के जटिल और अस्थिर वैश्विक आर्थिकी के बीच एसएमई की विकास गति को लगातार बनाए रखने में मददगार हो सके।
शनचन की औद्योगिक ताकत का अनुभव कराने के लिए, फोरम में तीन खास फील्ड ट्रिप भी शामिल किए गए थे। इस दौरान सम्मेलन में आए प्रतिभागियों ने लुओहू जिले में शेनझेन ज्वेलरी म्यूजियम और गोल्ड प्लाजा, फुशियन जिले की हेताओ शेनझेन-हांगकांग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कोऑपरेशन ज़ोन, के साथ ही लॉन्गगैंग जिला स्थित रोबोट एवेन्यू और एआई रोबोट सिक्स एस स्टोर का भी दौरा किया। इस दौरान एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के बिज़नेस लीडर्स ने स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि उनकी तेज़ और अच्छी गुणवत्ता वाले विकास के लिए डिजिटल बदलाव, स्रोत और कच्चे माल के एकीकरण एवं व्यवसायीकरण में मदद को मज़बूत करने की ज़रूरत है।
शनचन में तीन दिनों के इस आयोजन में अपेक देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और मौकों का फ़ायदा उठाने को लेकर विशेष चर्चाएं हुईं। चीन के इनोवेशन हब के तौर पर फिर यह शहर इसी साल नवंबर में अपेक आर्थिक नेताओं की बैठक की भी मेज़बानी करने जा रहा है। इस आयोजन का महत्व इसलिए ज्यादा है, क्योंकि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में कुल उद्यमों में से 97 प्रतिशत माइक्रो, छोटे और मध्यम उद्यम हैं, और 86 प्रतिशत बिज़नेस मैनेजर मानते हैं कि एआई बिज़नेस के कामकाज के तरीके को बदल देगा। बड़े उद्यमों के उलट, एसएमई एआई प्रोडक्ट्स की लागत, सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर ज़्यादा चिंतित रहते हैं। वे कम लागत वाले सर्विस पैकेज को मिलकर विकसित करने का सुझाव दे रहे हैं, जिसमें छोटे और मध्यम उद्योगों के इस्तेमाल के लिए कंप्यूटिंग पावर, इंडस्ट्री मॉडल, सॉफ्टवेयर टूल्स और ट्रेनिंग सर्विसेज़ शामिल हों। इस कार्यक्रम में शामिल कारोबारी नेतृत्व को उम्मीद है कि अपेक अर्थव्यवस्थाएं मैन्युफैक्चरिंग और व्यापार जैसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले क्षेत्रों पर केंद्रित एक साझा एआई एप्लीकेशन इकोसिस्टम बनाएंगी, और साथ ही एआई टूल्स के रेगुलेशन को मज़बूत करने के लिए भरोसेमंद नियम भी बनाएंगी।
कुछ बिजनेस प्रमुखों का मानना रहा कि बड़े, मध्यम और छोटे उद्यमों को जोड़ने और पूंजी, तकनीक व टैलेंट को एक साथ लाने वाले मुख्य प्लेटफॉर्म के तौर पर, इंडस्ट्रियल पार्क अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाते हैं। वे सब चाहते हैं कि एशिया-पैसिफिक अर्थव्यवस्थाओं से इंडस्ट्रियल पार्कों में निवेश बढ़ाने और क्षेत्र में औद्योगिक तालमेल को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम किया जाए। हालांकि कुछ कारोबारी मानते हैं कि अपेक देशों मसलन दक्षिण कोरिया का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल उचित हो सकता है, जिसके जरिए वहां स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल से जोड़ने में सफलता मिली है, जिससे कंपनियों पर फंडिंग और संसाधन जुटाने का दबाव कम हुआ है।
अपेक एसएमई बिज़नेस फोरम के इस साल के इवेंट में 13 अपेक अर्थव्यवस्थाओं से 75 अंतरराष्ट्रीय मेहमान शामिल हुए। इस साल के फोरम के मेजबान के तौर पर, शनचन के लुओहू जिले ने पिछले साल एशिया-पैसिफिक एसएमई सहयोग क्षेत्र यानी कोऑपरेशन ज़ो बनाया था। इसे चीन के 29 चीन-विदेशी SME सहयोग क्षेत्रों में से एक के तौर पर मान्यता दी गई है। फोरम के दौरान, चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और अन्य देशों के कई बिज़नेस और रिसर्च संस्थानों ने वैज्ञानिक और तकनीकी इनोवेशन के कमर्शियलाइज़ेशन, क्रॉस-बॉर्डर इंडस्ट्रियल पार्क के संचालन और कंपनियों के लिए इंटरनेशनल लेवल पर काम करने की सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

