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चीन और बहरीन व कुवैत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ताएं

Phone Conversations Between Foreign Ministers of China Bahrain and Kuwait

Phone Conversations Between Foreign Ministers of China Bahrain and Kuwait

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 9 मार्च को बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ़ बिन राशिद अल ज़यानी के साथ फ़ोन पर वार्ता की। इस अवसर पर अब्दुल लतीफ़ बिन राशिद अल ज़यानी ने क्षेत्रीय परिस्थिति का परिचय देते हुए बहरीन के रुख पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बहरीन हमेशा शांति का समर्थक रहा है और इसलिए उसे अवैध हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरीन चीन के निष्पक्ष और संतुलित रुख की सराहना करता है तथा इसके लिए चीन का आभार व्यक्त करता है। 

ज़यानी ने यह भी कहा कि बहरीन खाड़ी देशों और चीन के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर संपर्क और समन्वय को और मज़बूत करना चाहता है, ताकि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता स्थापित की जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बहरीन चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाता रहेगा।

वहीं, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे बहरीन की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन इस स्थिति पर गहरी नज़र बनाए हुए है। वांग यी ने दोहराया कि चीन का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है कि सभी देशों की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों की निंदा की जानी चाहिए।

वांग यी ने आगे कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण कार्य सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकना है, ताकि संघर्ष के और अधिक फैलने से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों का रणनीतिक साझेदार और एक ज़िम्मेदार प्रमुख देश होने के नाते चीन हमेशा शांति की वकालत करने और संघर्ष को रोकने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। 

उन्होंने बताया कि मध्य-पूर्व मामलों के लिए चीन के विशेष दूत जल्द ही बहरीन का दौरा करेंगे। वांग यी ने विश्वास व्यक्त किया कि चीन खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी लगातार रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। उधर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 9 मार्च को कुवैत के विदेश मंत्री जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ फोन पर वार्ता की।

इस मौके पर जराह ने ताज़ा क्षेत्रीय स्थिति का परिचय दिया और कहा कि कुवैत युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन फिर भी युद्ध से प्रभावित है। कुवैत समेत खाड़ी देश अभी भी बातचीत के ज़रिए विवादों को सुलझाने में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद हम अपनी कानूनी आत्मरक्षा का अधिकार नहीं छोड़ेंगे। कुवैत चीन के रुख और प्रयास की प्रशंसा करता है और चीन के साथ संपर्क व समन्वय मज़बूत करना चाहता है, ताकि क्षेत्रीय स्थिति शीघ्र ही सुरक्षित और स्थिर बहाल हो सके। कुवैत चीनी लोगों और संस्थानों की सुरक्षा लगातार सुनिश्चित करेगा।

वहीं, वांग यी ने कहा कि चीन का हमेशा से यही विचार रहा है कि राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यम से विवादों का निपटारा किया जाएगा। वर्तमान युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था। यह किसी भी पक्षों के लिए फायदेमंद नहीं है। अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की अनुमति के बिना ईरान-अमेरिका वार्ता के चलने के दौरान ईरान पर सैन्य हमला किया। यह बिलकुल अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसके साथ, खाड़ी देशों की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का पूरा सम्मान करना होगा। आम लोगों और गैर-सैन्य ठिकानों पर किसी भी हमले की निंदा की जानी चाहिए। वर्तमान प्राथमिकता जल्द ही युद्धविराम करना है। चीन लगातार शांति के लिए प्रयास करेगा। मध्य-पूर्व मुद्दे के लिए चीनी विशेष दूत मध्यस्थता के लिए रवाना हुए और कुवैत व अन्य देशों के साथ संपर्क मज़बूत करेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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