Last Updated: October 16, 2026

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20 वर्षों में छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे ने निभाई बड़ी भूमिका 

April 14, 2026

20 वर्षों में छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे ने निभाई बड़ी भूमिका 

चाइना रेलवे के अधीन छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे ग्रुप से मिली जानकारी के अनुसार, इस रेलवे के पूरी तरह चालू होने के बाद पिछले 20 वर्षों में शीत्सांग (तिब्बत) आने-जाने वाली रेलों की माल ढुलाई में लगातार वृद्धि हुई है। 13 अप्रैल 2026 तक, इस रेलवे के माध्यम से शीत्सांग में आने और वहां से बाहर जाने वाले माल की कुल मात्रा 10 करोड़ टन से अधिक हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, 1 जुलाई 2006 को छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया गया था। इसके साथ ही शीत्सांग में रेलवे न होने का इतिहास समाप्त हो गया। पिछले दो दशकों में इस मार्ग पर माल ढुलाई में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2006 में शीत्सांग आने-जाने वाले माल की मात्रा केवल 3.61 लाख टन थी, जो 2025 के अंत तक बढ़कर 83.13 लाख टन हो गई। इस दौरान औसत वार्षिक वृद्धि दर 18 प्रतिशत रही।

विशेष रूप से, शीत्सांग में आने वाले माल की मात्रा 2006 में 3.4 लाख टन से बढ़कर 2025 में 69.08 लाख टन हो गई, जिसकी औसत वार्षिक वृद्धि दर 17.2 प्रतिशत रही। वहीं, शीत्सांग से बाहर जाने वाले माल की मात्रा 2006 में 21,000 टन से बढ़कर 2025 में 14.05 लाख टन हो गई, जिसकी औसत वार्षिक वृद्धि दर 24.8 प्रतिशत दर्ज की गई।

माल ढुलाई की बढ़ती मांग के साथ-साथ छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे की क्षमता भी लगातार बढ़ाई जा रही है और नेटवर्क को बेहतर बनाया जा रहा है। इस रेलवे का गोलमुद-ल्हासा खंड, जो एक प्रमुख माल ढुलाई गलियारा है, शुरू होने के बाद से लगातार उन्नत किया गया है। स्टेशनों की संख्या बढ़कर 58 हो गई है, कर्षण क्षमता 2,880 टन तक पहुंच गई है, और यात्री व मालगाड़ियों की संख्या बढ़कर 17 जोड़ी हो गई है।

वर्तमान में, इस रेलवे का माल ढुलाई नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है। ल्हासा-शिगाज़े और ल्हासा-निंगची रेलवे को इससे जोड़ा जा चुका है, जिससे “Y” आकार का रेलवे नेटवर्क तैयार हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, शीत्सांग में रेलवे की कुल परिचालन लंबाई 1,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है। साथ ही, माल ढुलाई सेवाएं देने वाले स्टेशनों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है, जिससे क्षेत्र में रेलवे की पहुंच और मजबूत हुई है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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