बर्फ से ढकी चोटियों और गहरी घाटियों के लिए प्रसिद्ध शीत्सांग (तिब्बत), जिसे कभी “दुनिया की छत” कहा जाता था, आज विकास की एक नई और स्वर्णिम कहानी लिख रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, इस क्षेत्र ने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता को संजोए रखा है, बल्कि आधुनिकता, तकनीक और आर्थिक समृद्धि के एक नए युग में भी कदम रखा है। आज का शीत्सांग परंपरा और प्रगति का एक अद्भुत संगम है। शीत्सांग स्वायत्त क्षेत्र ने विकास और बदलाव की एक ऐसी यात्रा तय की है, जिसमें उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ती दिखाई देती है।
शीत्सांग का आर्थिक ढाँचा आज मजबूत और विविधतापूर्ण है। पारंपरिक कृषि और पशुपालन के साथ-साथ आधुनिक पर्यटन, हरी ऊर्जा (सौर और पवन ऊर्जा) और हाइ-टेक उद्योगों ने विकास को नई गति दी है। विशेष रूप से “चिंगहाई-शीत्सांग रेलवे” जैसे बुनियादी ढाँचे के विकास ने न केवल शीत्सांग को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा है, बल्कि पर्यटन और व्यापार के द्वार भी खोले हैं। स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को समर्थन देकर हस्तशिल्प, ऊन और जैविक उत्पादों का व्यापार बढ़ा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शीत्सांग की जीडीपी 2025 में 303.189 अरब युआन तक पहुंच गई, जो 7% की वृद्धि दर्शाती है, और 14वीं पंचवर्षीय योजना में औसतन 6.3% की दर से बढ़ी। 2026 के लिए 7% से अधिक विकास लक्ष्य रखा गया है, जिसमें स्थिर संपत्ति निवेश 15% बढ़ाने का इरादा है। पर्यटन, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में प्रगति ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है।
शीत्सांग अब तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। “डिजिटल शीत्सांग” की परिकल्पना साकार होती दिख रही है। ई-कॉमर्स के माध्यम से ग्रामीण उत्पाद देश-विदेश तक पहुँच रहे हैं। टेलीमेडिसिन की सुविधा से दूर-दराज के इलाकों के लोग भी बीजिंग-शंघाई जैसे शहरों के डॉक्टरों से परामर्श ले पा रहे हैं। कृषि में आधुनिक तकनीक और स्थानीय ज्ञान के समन्वय से उपज बढ़ी है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग कर हरे-भरे शीत्सांग के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी, 5जी बेस स्टेशन 8,000 से अधिक हो गए, और ब्रॉडबैंड गांवों तक पहुंचा। बड़ी डेटा केंद्र और क्लाउड कंप्यूटिंग ने पूर्वी क्षेत्रों से संसाधन जोड़े। सिचुआन-शीत्सांग रेलवे और हाईवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने कनेक्टिविटी बढ़ाई।
शीत्सांग की अनूठी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। त्योहार, लोककला और धार्मिक धरोहरें आज भी जनजीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। साथ ही, नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी को बचाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल नीतियाँ अपनाई गई हैं—जिससे विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शीत्सांग के आम लोगों के जीवन में देखने को मिल रहा है। गरीबी उन्मूलन के अभूतपूर्व प्रयासों से लाखों लोग गरीबी के दुष्चक्र से मुक्त हुए हैं। अब उनके पास बेहतर आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ हैं। युवाओं के पास रोजगार के नए अवसर हैं, और बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। तिब्बती नव वर्ष जैसे त्योहारों पर लोगों की खुशी और उल्लास उनकी संतुष्टि को दर्शाता है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के चलते तिब्बती भाषा, साहित्य, संगीत और नृत्य का विकास जारी है। गरीबी उन्मूलन से लाखों लोगों का जीवन बदला, और ग्रामीण-शहरी आय अंतर कम हुआ। जनता की सुरक्षा संतुष्टि 99% से ऊपर है। लोगों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई, ग्रामीण आय 2022 में 18,209 युआन पहुंची। शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास में निवेश से जीवन स्तर ऊंचा हुआ, पर्यटकों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई। शांतिपूर्ण वातावरण में सभी जातियां सुखी जीवन जी रही हैं।
आज का शीत्सांग परंपरा और आधुनिकता के बीच एक जीवंत पुल है। आर्थिक प्रगति, सामाजिक स्थिरता, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक संरक्षण—इन सबके समन्वय से शीत्सांग एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर है। यह परिवर्तन न केवल क्षेत्र के लिए, बल्कि व्यापक विकास की सोच के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ की प्रगति साबित करती है कि सही नीतियों, समर्पित प्रयासों और सभी नागरिकों की भागीदारी से कोई भी क्षेत्र दुर्गम चुनौतियों को पार कर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है। शीत्सांग आज शांति और समृद्धि के पथ पर अग्रसर है, और भविष्य उसके लिए और भी उज्जवल है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)

