कोटे डिवोर और घाना के बेहतरीन कोको, केन्या से श्रेष्ठ कॉफी और ताजे एवोकाडो, दक्षिण अफ्रीका के खट्टे-मीठे फल और उत्कृष्ट स्वाद वाली रेड वाइन 1 मई से, ये “अफ्रीकी उत्पाद” बिना किसी शुल्क के “एक्सप्रेस लेन” के माध्यम से चीनी बाजार में प्रवेश करेंगे।
20 अफ्रीकी देशों पर दो साल के लिए शून्य टैरिफ
इस दिन चीन ने उन सबसे कम विकसित 20 अफ्रीकी देशों पर दो साल के लिए शून्य टैरिफ लागू किया, जिनके साथ चीन के राजनयिक संबंध हैं। इस प्रकार चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले सभी 53 अफ्रीकी देशों के लिए शून्य टैरिफ उपायों की पूर्ण कवरेज हासिल हुई है। आंकड़ों से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि 2025 में चीन और अफ्रीका के बीच व्यापार में वर्ष 2024 की तुलना में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और चीन लगातार 17 वर्षों से अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है।
एक मई से प्रभावी होंगे नए निर्देश
14 फरवरी, 2026 को चीन-अफ्रीका सहयोग ने एक और बड़ी छलांग लगायी। चीन ने घोषणा की कि वह 1 मई से प्रभावी रूप से उन 53 अफ्रीकी देशों पर शून्य-टैरिफ उपायों को पूरी तरह से लागू करेगा, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध हैं। इसके परिणामस्वरूप, चीन दुनिया की पहली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसने उन सभी अफ्रीकी देशों पर शून्य टैरिफ लागू किया जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध हैं, जिससे पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यापक-जीत वाली वैश्विक व्यापार पुनरुत्थान के लिए एक मानदंड स्थापित हुआ।
शून्य टैरिफ मिलता सुरक्षा कवच
शून्य टैरिफ से अफ्रीका को जोखिमों और चुनौतियों के सामने एक “सुरक्षा कवच” मिलता है। साथ ही शून्य टैरिफ अफ्रीकी देशों में विकास के लिए एक “त्वरक” का काम करता है। चीन और दुनिया के व्यापार के लिए, शून्य टैरिफ नए अवसर भी खोलते हैं। साथ ही अधिक उच्च गुणवत्ता वाले अफ्रीकी उत्पाद किफायती कीमतों पर चीनी लोगों के दैनिक जीवन में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे विविध, स्वस्थ और अद्वितीय वस्तुओं की उनकी मांग पूरी हो सकेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

