इंटरनेशनल डेस्क : चीन के हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह ने 18 दिसंबर को औपचारिक रूप से द्वीप-व्यापी विशेष सीमा शुल्क का संचालन शुरू कर दिया है। कई विदेशी मीडिया संस्थान इस पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार वैश्वीकरण के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने और संस्थागत खुलेपन का विस्तार करने की दिशा में यह कदम चीन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन बेल्जियम के आकार के और मध्यम आकार के देश के बराबर अर्थव्यवस्था वाले हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह में द्वीप-व्यापी विशेष सीमा शुल्क का संचालन किया जाने का उद्देश्य इसे एक नए वाणिज्यिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। रिपोर्ट में चीन-ब्रिटेन व्यापार परिषद के विशेषज्ञों का भी हवाला दिया गया है, जिन्होंने बताया कि यह कदम न केवल हाईनान के पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवित कर सकता है, बल्कि विदेशी निवेश को और आकर्षित करने और विनिर्माण उद्योग के उन्नयन को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है।
तुर्की रेडियो और टेलीविजन कॉर्पोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष हाईनान का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग 1 खरब 13 अरब डॉलर था, जो एक मध्यम आकार के देश के सकल घरेलू उत्पाद के बराबर है। हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह को एक प्रदर्शन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य व्यापार में खुलेपन, निवेश नियमों और बाजार पहुंच के मामले में चीन की उच्च मानकों को प्राप्त करने की क्षमता को प्रदर्शित करना है।
फिलीपीन के अखबार *मनीला टाइम्स* की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के नए नियमों के तहत, हाईनान को एक विशेष सीमा शुल्क निगरानी क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जो हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह के निर्माण में एक नया चरण है। वैश्वीकरण विरोधी प्रयासों के बीच मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने और उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार करने की दिशा में चीन के इस कदम को व्यापक रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

