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कहानी को हकीकत में बदलेगी चीन की चंद्र अन्वेषण परियोजना

24 अप्रैल को चीनी एयरोस्पेस दिवस है। चीन में छांग-अ नामक सुंदरी की चांद पर उड़ान वाली पौराणिक कथा बहुत लोकप्रिय है, यह चाँद के प्रति प्राचीन समय में पूर्वजों की रूमानी कल्पना थी। चीन की चंद्र अन्वेषण परियोजना अब सपने को हकीकत में बदलेगी। बताया गया है कि साल 2023 में, चीन चंद्र अन्वेषण परियोजना के चौथे चरण को पूरी तरह से बढ़ावा देगा। चीनी चंद्र अन्वेषण परियोजना के मुख्य डिजाइनर वू वेइरन क अनुसार, छांग-अ 7 डिटेक्टर को साल 2026 के आसपास लॉन्च करने की योजना है। इसका मुख्य कार्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक जाकर चांद पर पानी होने के सबूत तलाशना है। उन्होंने कहा कि छांग-अ 7 डिटेक्टर का मिशन चंद्र अन्वेषण परियोजना के चौथे चरण के मिशन में से केवल एक कदम है। भविष्य में, यह चांग-अ 8 डिटेक्टर के साथ अंतरराष्ट्रीय चंद्र वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र का मूल मॉडल तैयार करेगा, और इसे 2030 तक पूरा करने की योजना है।

योजनानुसार छांग-अ 8 डिटेक्टर साल 2028 के आसपास लॉन्च किया जाएगा, इसका मुख्य कार्य चंद्रमा पर संसाधनों का पता लगाना और संसाधनों के पुन: उपयोग पर प्रयोग करना है। उदाहरण के लिए, क्या चंद्रमा पर घर बनाना संभव है? क्या चंद्रमा पर ईंटें बिछायी जा सकती हैं? और क्या चंद्रमा पर संचार करना संभव है? इनका छांग-अ 8 पर पूरी तरह से परीक्षण किया जा सकता है, जो भविष्य में वास्तव में बड़े पैमाने पर चंद्र वैज्ञानिक अनुसंधान की गारंटी प्रदान करना है। वू वेइरन ने कहा कि साल 2030 से पहले चीन निसंदेह चांद पर कदम रखेगा। 

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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