दुनिया में बढ़ते कार्बन उत्सर्जन और पेट्रोल-डीजल की कीमतों की वजह से नवीन ऊर्जा वाहनों (एनईवी) की मांग तेजी से बढ़ रही है। चीन में एनईवी उद्योग तेजी से विकसित हुआ है, जो दुनिया के सबसे बड़े एनईवी बाजारों में से एक बन गया है। चीनी सरकार ने एनईवी उद्योग को समर्थन और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे टेक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री चेन और एनईवी उद्योग में प्रगति हुई है। यह समर्थन कई प्रयासों के जरिए सामने आया, जिसमें फाइनेंस, टैक्सेशन और टेक्नोलॉजी में इनोवेशन वृद्धि के साथ-साथ एनईवी उत्पादों की रिसर्च और डेवलपमेंट की पहल शामिल है।
कुछ महीने पहले ही मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 2030 तक मेनलैंड चीन में नई कार की बिक्री में एनईवी की हिस्सेदारी लगभग आधी होगी, लेकिन चीन इस मामले में आगे रहा। जुलाई में पहली बार चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों की बिक्री 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई। यह देश के ऑटो बाजार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीनी सरकार की ओर से कार खरीदारों के लिए सब्सिडी, कार निर्माताओं और बैटरी निर्माताओं के लिए टैक्स में छूट से एनईवी की मांग को बढ़ावा मिल रहा है। रिपोर्ट में अगले 6 सालों तक स्थिर और निरंतर वृद्धि के भी संकेत दिए गए, जो हालिया परिणामों में दिख रहे हैं।
चीनी पैसेंजर कार एसोसिएशन की ओर से अगस्त में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, चीन में एनईवी की कैटेगरी में गिने जाने वाले इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों की बिक्री बढ़कर 8,79,000 यूनिट हो गई, जो कुल बिक्री का 50.8 प्रतिशत है। एक ओर तो जुलाई में एनईवी की बिक्री में उछाल आया, वहीं नए वाहनों की कुल बिक्री 2 प्रतिशत घटकर 1.73 मिलियन रह गई। हालांकि, नए वाहनों की बिक्री घटने की वजह निर्माताओं की ओर से दी जा रही छूट को बंद करना माना जा रहा है।
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) और हाइब्रिड कार निर्माता बीवाईडी कंपनी के सीईओ वांग चुआनफू ने कुछ महीने पहले ही इस उपलब्धि तक पहुंचने की भविष्यवाणी कर दी थी। यह उपलब्धि दिखाती है कि चीन में एनईवी उद्योग मजबूत हो रहा है, जबकि दुनिया के बाकी हिस्सों में एनईवी की मांग धीमी है। चीन कार्बन उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों में पुराने वाहनों के बदले नए वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन, ईवी की खरीद पर सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और ईवी निर्माताओं को इंसेंटिव देना शामिल है।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक-कार बाजार है। उपभोक्ताओं को एनईवी खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने और बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सब्सिडी नीतियां शुरू की गई हैं। इसके अलावा ऑटोमेकर्स के लिए एनईवी उत्पादन और बिक्री के एक निश्चित अनुपात को बनाए रखने के लिए नियम लागू किए गए हैं, जो चीनी एनईवी उद्योग की उन्नति में योगदान दे रहे हैं।
एनईवी के विकास को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देने वाली सरकारी नीतियां, खरीदारों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना और रिसर्च को बढ़ाने के लिए शिक्षाविदों और उद्योग के बीच सहयोग करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। चीनी एनईवी उद्योग का विकास न केवल पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक परिवर्तन के ग्लोबल ट्रेंड्स के हिसाब से है, बल्कि वैश्विक स्तर पर एनईवी उद्योग की बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कड़ी भी है।
चीन ने ईवी की बढ़ती मांग और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए मजबूत प्रयासों की बदौलत दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग नेटवर्क बनाया है, जिसमें सबसे अधिक इंस्टॉलेशन, सबसे व्यापक सेवा कवरेज और विकल्पों की सबसे ज्यादा रेंज है। चीन की शीर्ष आर्थिक नियोजन एजेंसी राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (एनडीआरसी) के अनुसार, मई के अंत तक देशभर में चार्जिंग स्टेशनों की कुल संख्या 9.92 मिलियन तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 56 प्रतिशत ज्यादा है। इनमें सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या साल-दर-साल 46 प्रतिशत बढ़कर 3.05 मिलियन हो गई, जबकि निजी तौर पर स्थापित चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 61 प्रतिशत बढ़कर 6.87 मिलियन हो गई।
पश्चिमी देशों के दबाव अभियान के बावजूद चीनी एनईवी उद्योग तेजी से विकास कर रहा है। घरेलू बाजार के साथ-साथ अन्य विदेशी बाजारों में अभी भी विकास की अपार संभावनाएं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी एनईवी की बढ़ती लोकप्रियता की वजह घरेलू स्तर पर ईवी की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए चीन के नीतिगत उपायों और लागत-प्रभावशीलता है। चीन ने 2024 में ऑटोमोबाइल ट्रेड-इन का सपोर्ट करने के लिए कुल 6.44 बिलियन युआन ($889.02 मिलियन) आवंटित किए हैं, जो ईवी बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम था। इसके अलावा मई के अंत में जारी एक डीकार्बोनाइजेशन एक्शन प्लान के अनुसार, चीन धीरे-धीरे विभिन्न क्षेत्रों में नई-ऊर्जा वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध हटाएगा, जो ईवी उद्योग को एक और बड़ा बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
(लेखक—दिव्या तिवारी)

