इंटरनेशनल डेस्क : चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ज्यांग श्याओकांग ने शांगरी-ला वार्ता के दौरान चीन के संबंध में अमेरिका द्वारा की गई नकारात्मक टिप्पणियों के संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब दिए। ज्यांग श्याओकांग ने कहा कि अमेरिका शांगरी-ला वार्ता का उपयोग विवाद पैदा करने, टकराव भड़काने और स्वार्थी हितों की तलाश करने के लिए करता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री की टिप्पणी आधिपत्यवादी तर्क, धमकाने की शैली और शीत युद्ध की मानसिकता से भरी हुई है। वे चीन की संप्रभुता और अधिकारों को गंभीर रूप से चुनौती देते हैं, चीन की नीतियों और प्रस्तावों को विकृत करते हैं, समृद्धि और स्थिरता को संयुक्त रूप से बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय देशों के संयुक्त प्रयासों की गंभीरता से अनदेखी करते हैं और शांति और विकास की तलाश करने के लिए दुनिया के सभी देशों की आम इच्छा से गंभीरता से विचलित होते हैं। हम इससे बहुत असंतुष्ट हैं और इसका कड़ा विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि थाइवान का मुद्दा पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है। अमेरिका को गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। चीनी जन मुक्ति सेना राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेगी, और सभी “थाइवान स्वतंत्रता” अलगाववादी साजिशों और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह से कुचल देगी। हमारा दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति चट्टान की तरह ठोस है, और हमारी क्षमताएं और साधन मजबूत और विश्वसनीय हैं।
ज्यांग श्याओकांग ने यह भी कहा कि दक्षिण चीन सागर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे व्यस्त और सुरक्षित शिपिंग लेन में से एक माना जाता है। चीन संवाद और परामर्श के माध्यम से संबंधित देशों के साथ मतभेदों को ठीक से संभालना जारी रखेगा, कानूनों और नियमों के अनुसार क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों और हितों को बनाए रखेगा और क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर शांति, मित्रता और सहयोग का सागर बनाने के लिए काम करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

