Last Updated: September 25, 2026

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चीनी प्रतिनिधिमंडल ने नाभिकीय अप्रसार संधि की 11वें समीक्षा सम्मेलन में वकालत की

April 30, 2026

चीनी प्रतिनिधिमंडल ने नाभिकीय अप्रसार संधि की 11वें समीक्षा सम्मेलन में वकालत की

चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 29 अप्रैल को नाभिकीय अप्रसार संधि की 11वें समीक्षा सम्मेलन में वकालत की। इस मौके पर चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले 20 से अधिक सालों में अमेरिका क्रमशः एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि, इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज संधि और ओपन स्काईज संधि आदि शस्त्र नियंत्रण संधियों से हट चुका है। इसके अलावा, अमेरिका ने सामरिक शस्त्र कटौती संधि को समाप्त होने और अमान्य होने दिया। इससे अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु हथियार नियंत्रण प्रणाली को नुकसान पहुंचा। अमेरिका परमाणु हथियार नियंत्रण और रणनीतिक स्थिरता के क्षेत्रों में अराजकता का सबसे बड़ा स्रोत है।

चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने इधर दिनों के भाषण में जानबूझकर चीन के रुख व विचार की गलत व्याख्या की और चीन की परमाणु नीति व प्रतिरक्षा बल के निर्माण पर निराधार लांछन लगाया और कालिख पोती। चीन इसका कड़ा विरोध करता है। अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता का सक्रिय रूप से जवाब देना होगा।

उधर, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि साने ताकाइची के पद संभालने के बाद से जापान का परमाणु मुद्दा एक वास्तविक खतरा बन गया है, न कि संभावित खतरा। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। चीन ने इस मुद्दे पर कार्य दस्तावेज प्रस्तुत किया है। सभी पक्षों का इस पर ध्यान से अध्ययन करने का स्वागत है। वर्तमान समीक्षा सम्मेलन में संबंधित मुद्दों पर गहन रूप से चर्चा करनी होगी, ताकि जापान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन और पर्यवेक्षण को मजबूत किया जा सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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