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“सलमान खान, कृपया चीन-भारत सम्बंध को क्षति न पहुंचाएं ”:चीनी विशेषज्ञ

China 7

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बॉलीवुड के स्टार सलमान खान की नयी फिल्म“बैटल ऑफ गलवान” इस अप्रैल में रिलीज़ होगी, जिसका टीज़र प्रसारित किया गया है। यह फिल्म वर्ष 2020 में चीन-भारत सीमा के पश्चिमी सेक्टर पर हुई मुठभेड़ की कहानी सुनाती है। चीन में भारतीय मामले के विशेषज्ञ और चीनी अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध संस्थान के उपाध्यक्ष लो छुनहाओ ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप को दिये एक साक्षात्कार में बताया कि यह फिल्म गलवान मुठभेड़ की हकीकत विकृत कर लोकमत को गुमराह करती है। उन्होंने सलमान खान से चीन-भारत सम्बंध को क्षति न पहुंचाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के नाते आपका कलात्मक जीवन हो सकता है, लेकिन कलात्मक जीवन में लोगों की सच्ची भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं, खासकर चीन-भारत सम्बंधों को उपभोग की दृष्टि से न देखें और उसे क्षति न पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि चीन-भारत सम्बंधों का स्वस्थ रहना, दोनों देशों के बीच सम्बंधों की स्थिरता और विकास दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। चीन और भारत पड़ोसी देश हैं और दोनों की आबादी एक अरब से अधिक है। एक-दूसरे के प्रति दोनों देशों की जनता की पहचान व समझ बड़े हद तक द्विपक्षीय सम्बंध के विकास पर प्रभाव डालती है।

लो छुनहाओ के विचार में वर्तमान चीन-भारत सम्बंध की समग्र स्थिति स्थिर है और निरंतर सुधर रही है। दोनों देशों के नेताओं ने वर्ष 2024 में कजान और पिछले साल थ्येनचिन में दो बार शिखर सम्मेलन आयोजित किया। राजनीतिक मार्गदर्शन बहुत स्पष्ट है। दोनों पक्षों की उम्मीद है कि दोनों देशों के सम्बंध शीघ्र ही अच्छे हो जाएंगे और स्वस्थ, स्थिर व चिरस्थाई विकास होगा। इसलिए वे वर्ष 2026 में चीन-भारत सम्बंधों के विकास को लेकर आशावादी हैं।

ध्यान रहे पिछले साल चीन और भारत के बीच विभिन्न क्षेत्रों का आदान-प्रदान अधिक घनिष्ठ हो रहा है और ठोस प्रगति भी हुई है ।चीनी कस्टम द्वारा 14 जनवरी को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में चीन-भारत व्यापार की रकम 1 ख़रब 55 अरब 62 करोड़12 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जो एक नया रिकार्ड है। पिछले साल चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा फिर खोली और भारतीय पक्ष ने चीनी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा की बहाली की। दोनों देशों ने सीधी उड़ान की बहाली भी की है। इन कदमों को दोनों देशों के लोगों का उत्साहपूर्ण स्वागत मिला।

लो छुनहाओ के विचार में चीन-भारत सम्बंध के निरंतर सुधार की पृष्ठभूमि में ‘बैटल आफ गलवान’ की रिलीज़ अवश्य ही मुख्य धारा के प्रतिकूल है और द्विपक्षीय सम्बंध के विकास पर कुप्रभाव डालेगी।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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