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चीनी हाई-स्पीड रेल, चीनी गति!

December 25, 2022

चीनी हाई-स्पीड रेल, चीनी गति!

26 दिसंबर, 2012 को दुनिया में सबसे तेज़ और सबसे लंबी हाई-स्पीड रेलवे लाइन के रूप में चीन की पेइचिंग-क्वांगचो हाई-स्पीड रेलवे आधिकारिक तौर पर परिचालन में आई थी। पेइचिंग- क्वांगचो हाई-स्पीड रेलवे का निर्माण 2005 में शुरू हुआ और पूरी लाइन को निर्माण के तीन खंडों में बांटा गया है। उसके संचालित किये जाने के बाद पेइचिंग से क्वांगचो तक यात्रा का समय घटकर  8 घंटे हो गया। साथ ही, उसने रेलवे लाइन के आसपास विभिन्न स्थानों के नए विकास को भी प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा था कि हाई-स्पीड रेल चीन के उपकरण निर्माण का एक उज्ज्वल व्यवसाय कार्ड है, और वह चीन के विदेशी आर्थिक और तकनीकी सहयोग के लिए एक गर्म वस्तु बन गया। हमें अवसर को पकड़कर लाभ उठाना चाहिए। इस साल के अक्तूबर में आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि नये विकास पैटर्न के निर्माण को तेज करें और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ाने में जोर लगाएं।हालाँकि चीन की हाई-स्पीड रेल का विकास विकसित देशों की तुलना में 40 साल से अधिक समय देर हुआ , रेलकर्मियों की कई पीढ़ियों के संघर्ष के बाद भी, 2008 में चीन का पहला 350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिज़ाइन गति वाला पेइचिंग-थ्येनचिन इंटरसिटी रेलवे खोला गया। तब से, एक के बाद एक बड़ी संख्या में हाई-स्पीड ट्रेनों का निर्माण किया गया है। चीन ने दुनिया में हाई-स्पीड रेलवे के वाणिज्यिक संचालन के लिए नया मानक स्थापित किया है। चीनी हाई-स्पीड रेल ने पीछा करने से लेकर नेतृत्व करने तक की बेहतरीन उपलब्धि हासिल की है।

सड़क नेटवर्क निर्माण के दस साल, परिवहन के विकास को बढ़ाने में मदद मिली। यदि कोई क्षेत्र या देश अपनी अर्थव्यवस्था को अच्छी तरह से विकसित करना चाहता है, तो परिवहन एक आवश्यक कारक होना चाहिए। चीन के रेलवे की ऑपरेटिंग माइलेज 2011 के 93.2 हजार किलोमीटर से बढ़कर 2021 के अंत तक 150 हजार किलोमीटर हो चुकी है। उनमें से, हाई-स्पीड रेलवे की ऑपरेटिंग माइलेज 2011 के 7 हजार किलोमीटर से बढ़कर 2021 के अंत तक 40 हजार किलोमीटर हो गयी है। रेलवे ने देश के 81 प्रतिशत जिलों को कवर किया है, हाई-स्पीड रेल 5 लाख से अधिक आबादी वाले 93 प्रतिशत शहरों तक पहुँचती है।वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार के दस साल, उपकरण की आत्मनिर्भरता का निर्माण किया गया। पिछले दस वर्षों में, “सीआरएच(चीन रेलवे हाई-स्पीड ट्रेन)” से “फुशिंग” तक, “मेड इन चाइना” से “चाइना स्टैंडर्ड” तक, चीन के रेलवे के समग्र तकनीकी स्तर ने दुनिया के उन्नत रैंकों में प्रवेश किया है। और उच्च गति, पठार,उच्च ठंड, और हैवी हॉल रेलवे तकनीक विश्व स्तर पर अग्रणी है, और स्वतंत्र बौद्धिक संपदा अधिकारों वाला हाई-स्पीड रेल निर्माण और उपकरण निर्माण प्रौद्योगिकी प्रणाली संपन्न हुई।

खुलेपन और उभय जीत के दस साल, हाई-स्पीड रेल के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ाया गया। चीन के “व्यवसाय कार्ड” के रूप में चीनी हाई-स्पीड रेल ने हमें कई आश्चर्य दिए हैं। “बेल्ट एंड रोड” निर्माण की सेवा के लिए चीन के हाई-स्पीड रेल उद्योग ने भी विदेशों में प्रवेश किया। चीन-लाओस रेलवे, अदीस अबाबा-जिबूती रेलवे और मोम्बासा-नैरोबी रेलवे सभी को एक एक करके संचालन में लगाया गया है। और जकार्ता-बांडुंग हाई-स्पीड रेल परियोजना सभी चीनी रेलवे तकनीकी मानकों को अपनाती है, जो सुरक्षित, विश्वसनीय, प्रौद्योगिकी में उन्नत और संचालन में परिपक्व हैं। नवंबर 2022 में इसकी सफलतापूर्वक टेस्ट रन की गयी। चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस 23 यूरोपीय देशों के 185 शहरों तक पहुंचती है, जो “बेल्ट एंड रोड” निर्माण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और हाइलाइट बन गई है। चीन रेलवे निर्माण परियोजना, हाई-स्पीड रेल मानक और चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस का रसद ब्रांड समेत तीन पहलुओं में एक साथ प्रयास करता है। और रेलवे नेटवर्क भी चीन से दुनिया को जोड़ने सिल्क रोड बन गया है।पिछले दस वर्षों में, चीन के रेलवे विकास ने लंबी छलांग लगाई । चीन की हाई-स्पीड रेल अपनी ताकत पर निर्भर करते हुए दुनिया भर की व्यापक प्रशंसा जीत रही है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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