इंटरनेशनल डेस्क: आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो चुकी है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस तरह से एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसे देखते हुए भविष्य और भी उम्मीद से भरा लग रहा है। इसके साथ ही तकनीक का सही ढंग से उपयोग हो, इसकी वकालत की जा रही है। चीन ने एआई के महत्व को व्यापक रूप से समझा है और इसे अपना भी रहा है। चीन अपनी आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए इसके इस्तेमाल पर खास ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में औद्योगिक अपग्रेड को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। माना जा रहा है कि यह चीन में उच्च गुणवत्ता वाली आर्थिक वृद्धि की गति को बढ़ाने में व्यापक योगदान दे सकता है। चीन में “14वीं पंचवर्षीय योजना” (2021-2025) समाप्त होने को है, अब देश “15वीं पंचवर्षीय योजना” को लागू करने के लिए तत्पर दिख रहा है। कहा जा रहा है कि नई पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की शुरुआत में विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एआई नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों को बढ़ावा देने में जरूरी उपकरण के रूप में काम करता है। एआई के सही इस्तेमाल से उसकी भूमिका और बड़ी हो जाती है। क्योंकि वैज्ञानिक और तकनीकी क्रांति के इस नए दौर में एआई आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहा है।
जैसा कि हम जानते हैं कि चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। चीन का बड़ा बाज़ार, तकनीकी क्षमता और लगातार बढ़ रहा नवाचार का दायरा एआई के रोल को और मजबूत कर सकता है। क्योंकि चीन ने तकनीक और एआई को अपनाने में काफी ध्यान दिया है।
बताया जाता है कि चीन एआई तकनीक के विकास और इस्तेमाल में सबसे आगे है। जबकि मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स, जिनमें टेक्स्ट, इमेज, ऑडियो और वीडियो सहित कई तरीकों से कंटेंट को प्रोसेस और जेनरेट करने की क्षमता होती है, ये एआई उद्योग के आगे के विकास की अगुवाई करेंगे।
इस दौरान ग्लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी इंटरनेशनल डेटा कॉर्प की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक एआई वैश्विक अर्थव्यवस्था में 19.9 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है। इस तरह 2030 तक एआई का ग्लोबल जीडीपी में 3.5 फीसदी हिस्सा होगा। इससे पता चलता है कि आने वाले समय में एआई हमारे जीवन और समाज में कितनी बड़ी भूमिका निभाने वाला है। रिपोर्ट की मानें तो एआई के बढ़ते इस्तेमाल से व्यापक नतीजे सामने आएंगे। जिससे कई उद्योगों का आकार बदलेगा, नए बाज़ार तैयार होंगे और प्रतिस्पर्धी माहौल बदलेगा।
चाइना एकेडमी ऑफ़ इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी के आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने एआई इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के तौर पर अपनी जगह बनाए रखी है और अब तक 1,509 एआई मॉडल्स रिलीज किए हैं, जो वैश्विक स्तर पर लांच किए गए 3,755 मॉडल्स में पहले नंबर पर है। रिपोर्ट कहती है कि चीन के पास एआई से जुड़े सबसे अधिक पेटेंट है, जो कुल पेटेंट का 60 प्रतिशत हैं।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

