चीन में पिछले कुछ वर्षों से योग काफी लोकप्रिय हो चुका है। यहां के नागरिक शारीरिक रूप से फिट रहने और मन की शांति के लिए योग को अपना रहे हैं। इस दौरान, चीन में खुले तमाम योग केंद्रों में लोग योगाभ्यास करते दिखते हैं। वहीं, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित वीयोग संस्थान चीन में योग का प्रसार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस सप्ताहांत वीयोग ने अपनी 9वीं वर्षगांठ मनाई, इस मौके पर दो दिवसीय योग उत्सव में लगभग 200 लोगों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान, योग के अलग-अलग विषयों में विभिन्न प्रकार के वर्कशॉप का आयोजन किया गया। चीन की जानी-मानी योग शिक्षक और लुलुलेमन की ब्रांड एंबेसडर लिन मिन ने “डीप ब्रेथ एंड जेंटल मूवमेंट” की थीम पर वर्कशॉप की। इसके साथ ही, वीयोग की योग टीचर ग्रेस ने फ्लो योग और शुभम मनोरी ने 108 बार सूर्य नमस्कार कराया। जबकि आशीष बहुगुणा ने सत्संग और ध्यान पर कार्यक्रम कराया।
योगासन करने वालों ने इस मौके पर योग के बारे में अनुभव भी साझा किए। उन्होंने योग से उनके जीवन में आए परिवर्तन के बारे में बताया और कहा कि अब वे खुद को न केवल शारीरिक तौर पर स्वस्थ महसूस करते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह बदलाव योग की वजह से हुआ है।
इसके साथ ही, वीयोग के संस्थापक और जाने-माने योग गुरु आशीष बहुगुणा ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीनस्थ चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (सीजीटीएन) के संवाददाता अनिल पांडेय के साथ हुई बातचीत में कहा कि चीन में अब योग के प्रति जागरूकता बहुत बढ़ चुकी है। इसके कारण बड़ी संख्या में लोग योग से जुड़ रहे हैं। जबकि भारतीय संस्कृति को जानने के प्रति भी लोगों में उत्सुकता रहती है। यह भारतीय संस्कृति के बढ़ते प्रभाव और प्रसार को दर्शाता है।
वर्तमान में, चीनी नागरिक अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। चीन सरकार की ओर से भी लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में चीनी लोगों में थाई ची के साथ-साथ योग बहुत लोकप्रिय हो चुका है। ध्यान रहे कि दुनिया भर की तरह चीन में हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जिसमें योग प्रेमी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। वीयोग संस्थान की ओर से भी इस अवसर योग अभ्यास आदि का आयोजन कराया जाता है।
बता दें कि 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 178 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गयी। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को 90 दिनों के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया।
वहीं, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए 21 जून का दिन इसलिए तय किया गया, क्योंकि यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध (ग्रीष्म संक्रांति) का सबसे लंबा दिन माना जाता है, जिसका विश्व के कई क्षेत्रों में खास महत्व होता है, जबकि आध्यात्मिक लिहाज से भी लोग इस दिवस को खास मानते हैं।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

