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चीनी वैज्ञानिकों का कमाल- अब वायुमंडल से निकल पाएगा पीने का पानी, दुनिया को बड़ी सौगात

December 4, 2025

चीनी वैज्ञानिकों का कमाल- अब वायुमंडल से निकल पाएगा पीने का पानी, दुनिया को बड़ी सौगात

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वैश्विक स्तर पर नए आविष्कारों और शोधों में चीन अहम योगदान दे रहा है। समय-समय पर चीनी वैज्ञानिक व शोधकर्ता जटिल चुनौतियों को सुलझाने में सफलता हासिल करते हैं। इसी तरह की एक बड़ी कामयाबी चीनी वैज्ञानिकों के हाथ लगी है, जो पानी उत्पन्न होने के तरीकों पर दुनिया की सोच बदल कर रख सकती है। 

पिछले दिनों चीन के शांगहाई स्थित वैज्ञानिकों ने वायुमंडल की हवा से पीने का पानी निकालने का सफल तरीका इजाद किया है। इसके तहत वैज्ञानिकों ने एक समग्र एटमोस्फेरिक वॉटर हार्वेस्टिंग सॉल्यूशन पेश किया है। माना जा रहा है कि यह दुनिया भर में स्वच्छ और आसानी से पीने के पानी को प्राप्त करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। चीनी वैज्ञानिकों की यह सफलता और नवाचार खासतौर पर पानी की कमी वाले देशों और इलाकों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। 

शांगहाई च्याओथोंग विश्वविद्यालय में किए गए ताजा शोध के तहत पानी निकालने के लिए तीन तकनीकी उपाय पेश किए गए हैं। जिनमें वाष्पीकरण, अवशोषण और हीट पंप शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग मौसम की स्थितियों में पानी की कमी को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। जैसे कि ज़्यादा तापमान और नमी, कम तापमान और नमी, और कम नमी के साथ तापमान की अधिकता वाले वातावरण के लिए यह शोध उपयोगी हो सकता है। शोधकर्ताओं की टीम का दावा है कि यह वायुमंडलीय जल निष्कर्षण के क्षेत्र में चीन के लिए फॉलोअर से लीडर बनने वाला बड़ा बदलाव है। इस पद्धति में वायुमंडलीय नमी को पानी में संघनित करना शामिल है, जो एक विकेंद्रीकृत और नवीकरणीय मीठे पानी का स्रोत देता है। यह तकनीक खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जहां भूजल के स्रोत कम हैं या जल आपूर्ति अस्थिर रहती है।

रिपोर्ट के अनुसार चीनी शोधकर्ताओं की इस खोज को शांगहाई की एक तकनीकी कंपनी एटमोसवेल (Atmoswell) ने पेश किया है। जिसे यूनिवर्सटी के स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ऊर्जा-जल-हवा के लिए अंतः विषय नवाचार टीम के शुरुआती काम से बनाया गया है। इस टीम के प्रमुख वैज्ञानिक और 2023 के ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ विजेता वांग रुचू कहते हैं कि, “हवा से पीने लायक पानी निकालना इंसानियत के सबसे बड़े सपनों में से एक है ताकि पानी के असमान वितरण को ठीक किया जा सके।” 

उन्होंने कहा, “फर्म ने यूनिवर्सिटी की लैब में मिली सफलताओं को व्यवस्थित तरीके से इंजीनियरिंग सॉल्यूशन में बदल दिया है जो अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से अनुकूलनीय हैं, जो समाज की सेवा करने वाले तकनीकी नवाचार की अहम उपयोगिता को दर्शाता है। 

विशेषज्ञ कहते हैं कि वायुमंडलीय जल निष्कर्षण की मुख्य चुनौती मुश्किल और बदलती जलवायु परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढालना है। इसके लिए उक्त टीम की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए एटमोसवेल ने मटीरियल से लेकर सिस्टम तक की तकनीकी रुकावटों को दूर किया, और विभिन्न परिस्थितियों के लिए अलग-अलग उपाय पेश किए।

नवाचार में सौर ऊर्जा से चलने वाला एक ऑफ़-ग्रिड आउटडोर पीने के पानी का स्टेशन भी शामिल है, जो बिना किसी इंफ्रास्ट्रक्चर के काम करना शुरू कर सकता है। यह मशीन,   एक छोटे बस स्टॉप के आकार की है, जो 15 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और 35 से 99 प्रतिशत ह्यूमिडिटी लेवल पर काम कर सकती है और हर दिन लगभग 50 लीटर तक पीने का पानी बना सकती है। 

इसके साथ ही आउटडोर इंजीनियरिंग-ग्रेड वॉटर प्लेटफार्म भी शामिल है, जिसकी रोजाना की क्षमता 1,600 लीटर बतायी जाती है। जो द्वीपीय होटलों, छोटी कॉलोनियों और आपदा वाली स्थिति में पानी की आपूर्ति कर सकता है। जबकि ऑफिस और घर में इस्तेमाल के लिए वॉटर बार भी शामिल हैं, जो रोजाना पीने की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। 

(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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