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सूडान में हैजा का कहर: एक सप्ताह में 172 लोगों की हुई मौत, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

काहिरा: सूडान में हैजा एक बार फिर जानलेवा साबित हो रहा है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बीते एक सप्ताह में इस संक्रामक बीमारी ने कम से कम 172 लोगों की जान ले ली है, जबकि 2,500 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। राजधानी खार्तूम और उसके पड़ोसी शहर ओमडुरमैन में संक्रमण की रफ्तार सबसे तेज बताई जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उत्तरी कोर्डोफान, सेन्नार, गज़ीरा, वाइट नील और नील नदी प्रांत भी इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संगठन ‘डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स’ (MSF) की सूडान समन्वयक जॉयस बेक्कर ने बताया कि मई के मध्य से हैजा के मामलों में चिंताजनक तेजी देखी गई है। सिर्फ पिछले सप्ताह ही एमएसएफ की टीमों ने 2,000 से अधिक संदिग्ध मामलों का इलाज किया।

अस्पतालों में मरीजों की भीड़, इलाज में मुश्किल

बेक्कर के मुताबिक, ओमडुरमैन में एमएसएफ द्वारा संचालित केंद्रों पर मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कई लोग बीमारी के गंभीर लक्षणों के साथ देर से अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे जान बचाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने हालात को “बेहद चिंताजनक” बताया और समय पर इलाज की आवश्यकता पर जोर दिया।

सूडान के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री हैथम इब्राहिम ने बताया कि राजधानी क्षेत्र में बीते चार हफ्तों से हर सप्ताह औसतन 600 से 700 नए मामले सामने आ रहे हैं, जिससे महामारी की गंभीरता और भी स्पष्ट हो जाती है।

WHO ने जताई चिंता, स्वच्छ जल और त्वरित इलाज की जरूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हैजा एक तीव्र जलजनित संक्रमण है जो गंदे पानी और दूषित भोजन के जरिए फैलता है। यह गंभीर दस्त और निर्जलीकरण का कारण बनता है और समय पर इलाज न मिलने पर कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है। संगठन ने चेताया कि सूडान में चल रही राजनीतिक अस्थिरता और बुनियादी सेवाओं की कमी इस संक्रमण से निपटने में बड़ी बाधा बन रही है।

जरूरी है त्वरित और सामूहिक प्रयास

विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए साफ पानी की उपलब्धता, बेहतर स्वच्छता और व्यापक जनजागरूकता अभियान की सख्त जरूरत है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को मिलकर तत्काल कदम उठाने होंगे, ताकि स्थिति और न बिगड़े।

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