इंटरनेशनल डेस्क: चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित चाइना इंटरनेशनल फेयर फॉर ट्रेड इन सर्विसेज़ (CIFTIS 2025) रविवार को संपन्न हो गया। यह सिर्फ़ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सेवाओं के वैश्विक व्यापार में नए नियम बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने का एक मंच साबित हुआ। इस बदलाव ने साफ़ कर दिया है कि चीन अब सिर्फ़ सेवाओं के लेन-देन तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक शासन और नियम-निर्माण में भी अपनी मजबूत भूमिका निभाने लगा है।
इस बार का थीम था- “इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी को अपनाएँ, सेवाओं के व्यापार को सशक्त बनाएँ”। इस साल 70 से अधिक देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। करीब 2,000 प्रदर्शकों में 500 से अधिक ‘फ़ॉर्च्यून ग्लोबल 500’ कंपनियाँ शामिल थीं। प्रदर्शनी में 190 से ज़्यादा नवाचार प्रस्तुत हुए- जैसे 3D प्रिंटेड वेस्कुलर स्टेंट्स और हज़ार-बिट का फोटॉनिक क्वांटम कंप्यूटर। साथ ही, AI आधारित बायोफ़ार्मा प्रक्रियाएँ और 5G-सक्षम स्मार्ट लिविंग एप्लिकेशन ने भविष्य की तकनीक का अनुभव कराया।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि आने वाले वर्षों में AI सेवाओं के व्यापार की तस्वीर बदल देगा। यह बदलाव तीन स्तरों पर होगा- व्यापार के तौर-तरीक़ों में, व्यापार की वस्तुओं में और बाज़ार के प्रतिभागियों में। साथ ही, डिजिटल व्यापार में नए नियमों और मानकों की ज़रूरत भी तेज़ी से बढ़ेगी।
इसी दिशा में एक्सपो में कई अहम दस्तावेज़ जारी हुए, जैसे “विकासशील देशों के लिए सेवाओं के व्यापार डेटा और नीतियों की गाइड” और “चाइनीज़ केस इन स्टैंडर्डाइज़ेशन ऑफ़ ट्रेड इन सर्विसेज़”। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) के लिए एक नया संपर्क सेंटर भी शुरू किया गया, जिससे चीनी कंपनियाँ वैश्विक अनुपालन मानकों के और क़रीब पहुँच सकें।
जनवरी से जुलाई 2025 तक चीन का सेवाओं का कुल व्यापार 4.58 खरब युआन (640 अरब डॉलर) रहा, जिसमें 8.2% की सालाना वृद्धि हुई। निर्यात 15.3% बढ़ा और आयात 3.3%। ज्ञान-प्रधान सेवाओं और डिजिटल व्यापार में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
छिंगताओ प्रदर्शनी क्षेत्र ने डिजिटल, सांस्कृतिक, तकनीकी और हरित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर यह दिखाया कि चीन कैसे विनिर्माण से सेवा-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल सेवाओं में चरम दृष्टि ने अपने AI एल्गोरिथ्म प्लेटफ़ॉर्म से 4 लाख से अधिक डेवलपर्स और 3,000 संस्थानों को जोड़ा है।
इस बार विदेशी प्रदर्शकों की भागीदारी 20% से अधिक रही। वित्त, बीमा, आईटी और एविएशन क्षेत्रों में कई नई साझेदारियाँ बनीं। हालाँकि चुनौतियाँ भी हैं- 2024 में वैश्विक डिजिटल व्यापार 4.64 खरब डॉलर तक पहुँचा, लेकिन क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ीं और डेटा लोकलाइज़ेशन जैसे सख़्त नियमों ने सहयोग को कठिन बनाया।
CIFTIS ने दिखाया कि चीन अब केवल बाज़ार खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सेवाओं के व्यापार के वैश्विक नियम तय करने और नवाचार को दिशा देने में भी आगे बढ़ रहा है। डिजिटल बुद्धिमत्ता, हरित तकनीक और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर ज़ोर देकर, चीन ने सेवाओं के व्यापार को नए दौर में प्रवेश करा दिया
है।
(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)
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